चंडीगढ़ : पंजाब में ड्रग्स और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी इंदरबीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। पंजाब सरकार ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है, जिससे लंबे समय से लंबित मामला अब अदालत में आगे बढ़ सकेगा। गृह विभाग की ओर से दी गई इस अनुमति के बाद विजिलेंस ब्यूरो जल्द ही इसे कोर्ट में पेश करेगा। इसके साथ ही इंद्रबीर सिंह के खिलाफ ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। फिलहाल वह पंजाब आर्म्ड पुलिस (पीएपी), जालंधर में तैनात हैं। यह पूरा मामला साल 2022 में दर्ज दो अलग-अलग केसों से जुड़ा हुआ है। इन मामलों में इंद्रबीर सिंह पर ड्रग्स से जुड़े नेटवर्क में संलिप्तता और भ्रष्टाचार के तहत रिश्वत लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने जांच के बाद पहले ही उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। हालांकि, मुकदमा चलाने की सरकारी मंजूरी नहीं मिलने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
अब सरकार की मंजूरी मिलने के बाद जांच एजेंसी को कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अधिकार मिल गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अदालत इस मामले में सुनवाई शुरू कर सकती है, जिससे पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सकेगी।
इस फैसले को प्रशासनिक सख्ती के तौर पर भी देखा जा रहा है। पंजाब सरकार लगातार भ्रष्टाचार और ड्रग्स के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने की बात कहती रही है। ऐसे में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देना सरकार के इस रुख को और मजबूत करता है।
वहीं, अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि अदालत में सुनवाई के दौरान क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
