मंत्रिमंडल ने फ्रीहोल्ड और औद्योगिक आधारभूत ढांचे के प्रबंधन के लिए लीजहोल्ड संबंधी महत्वपूर्ण संशोधनों को मंजूरी दी: संजीव अरोड़ा

चंडीगढ़ : उद्योग और वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली तथा स्थानीय निकाय संबंधी कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लीजहोल्ड औद्योगिक प्लॉटों और शेडों को फ्रीहोल्ड में बदलने के लिए नीति में महत्वपूर्ण सुधारों को मंजूरी दे दी गई है। साथ ही फ्रीहोल्ड प्लॉट धारकों के लिए आवंटन के बाद की सेवाओं को व्यापक रूप से तर्कसंगत बनाने को भी मंजूरी दे दी गई है।

औद्योगिक क्षेत्र के भागीदारों के साथ व्यापक परामर्श और समूह मंत्रियों की सिफारिशों के बाद किए गए ये सुधार व्यापार करने की आसानी को और मजबूत करने तथा एक पारदर्शी, निवेशक-अनुकूल औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

मुख्य सुधार: लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में तबादला

मुख्य फैसलों पर प्रकाश डालते हुए संजीव अरोड़ा ने कहा:

– केवल 5 प्रतिशत तबादला शुल्क निर्धारित किया गया है।
– 30 अप्रैल, 2026 तक किए गए तबादलों के लिए स्टांप ड्यूटी पर 100 प्रतिशत छूट।
– जहां अन-अर्जित वृद्धि (अनअर्न्ड इंक्रीमेंट) की धारा लागू नहीं है, वहां खर्चों की छूट के माध्यम से महत्वपूर्ण राहत।
– विशेष मामलों में, बार-बार लगने वाले शुल्क के लिए एक ही शुल्क लागू किया गया है।
– कई सेवाओं के लिए वार्षिक नवीनीकरण खर्च बंद कर दिए गए हैं।

तुरंत तबादले को प्रोत्साहित करने और पुराने मुद्दों के निपटारे के लिए:
– लंबित तबादलों और परिवर्तन संबंधी मामलों का समयबद्ध निपटारा।
– तुरंत तबादलों के लिए एकमुश्त स्टांप ड्यूटी में छूट।

कागजी कार्रवाई को सरल बनाना:
– मॉर्टगेज लीज डीड्स के मामले में बैंक पत्र ही पर्याप्त है।
– अनअर्जित वृद्धि की धारा पर स्पष्टता।

लंबित औद्योगिक मुद्दों का निपटारा करते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया:
– जहां टाइटल दस्तावेजों में धारा मौजूद नहीं है, वहां कोई अन-अर्जित वृद्धि नहीं ली जाएगी।
– पारिवारिक तबादला, विरासत, या मृत्यु के मामलों में जहां प्लॉट पहले ही नोटिफिकेशन से पहले फ्रीहोल्ड में बदल चुके हैं।
– उन्होंने आगे कहा, “इससे अधिक स्पष्टता सुनिश्चित की गई है और उद्योगपतियों को अनुचित वित्तीय देयताओं से बचाया गया है।”

कारोबार करने में आसानी संबंधी मुख्य सुधार (PSIEC)

एक क्रांतिकारी कदम के रूप में:
– सेवाओं को अनिवार्य और वैकल्पिक श्रेणियों में पुनर्वर्गीकृत किया गया।
– 18 सेवाओं को अनिवार्य से वैकल्पिक में बदला गया।
– नोटरीकृत हलफनामों को स्व-घोषणा से प्रतिस्थापित किया गया।
– स्वीकृतियों में तेजी लाने के लिए एस्टेट अधिकारियों को अधिक अधिकार सौंपे गए।

श्री अरोड़ा ने कहा, “इससे अनुपालन संबंधी बोझ को महत्वपूर्ण रूप से कम किया गया है और फ्रीहोल्ड तबादले को उद्योगों के लिए बेहद फायदेमंद बनाया गया है।”

पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) अमेंडमेंट बिल, 2026

मंत्रिमंडल ने औद्योगिक आधारभूत ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संशोधन को भी मंजूरी दे दी है।

मुख्य बिंदु:

1. एकीकृत और पारदर्शी आधारभूत ढांचा प्रबंधन
सभी औद्योगिक क्षेत्रों के संचालन और रखरखाव के लिए एक ही विधि।
कवरेज: औद्योगिक फोकल पॉइंट, औद्योगिक संपत्ति, औद्योगिक क्लस्टर (नोटिफाइड पार्कों से बाहर के स्थानों सहित)।

2. उद्योगों को बड़ी वित्तीय राहत
नगर निगम क्षेत्रों में सर्विस चार्जेस को संपत्ति कर में शामिल किया गया।
दोहरे कर को समाप्त किया गया।
नियमों को सरल बनाया गया और वित्तीय बोझ कम किया गया।

3. नवीन संग्रह विधि
पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड द्वारा सर्विस चार्जेस बिजली बिलों के माध्यम से एकत्र किए जाएंगे।

लाभ: नियमों में संशोधन, सहज और पारदर्शी संग्रह प्रणाली।

4. SPV के माध्यम से उद्योग-अनुकूल शासन
विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) बनाए जाएंगे:
– सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत।
– उद्योगिक हिस्सेदारों के नेतृत्व में।
शासन ढांचा: उद्योगिक आबंटियों में से 7 सदस्यीय कार्यकारी समिति चुनी जाएगी, तालमेल और निगरानी के लिए सरकारी अधिकारी।
स्पष्ट जवाबदेही और पेशेवर प्रबंधन।

5. मजबूत वित्तीय ढांचा
– 90% फंड → रखरखाव के लिए SPV को
– 10% फंड → आधारभूत ढांचे को अपग्रेड करने के लिए सक्षम प्राधिकरण को
– भविष्य के विकास के लिए अनिवार्य कॉर्पस फंड
– कुशल उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक खर्चों पर सीमा

6. जवाबदेही और निगरानी
सरकार को अधिकार:
– एस पी वी का ऑडिट और निगरानी
– यदि आवश्यक हो तो खराब प्रदर्शन करने वाले एस पी वी को रद्द करना
– उद्योग को सशक्त बनाना और पंजाब के विकास को मजबूत करना

संजीव अरोड़ा ने आगे कहा कि ये महत्वपूर्ण सुधार हमारी सरकार के स्पष्ट विजन को दर्शाते हैं, जो उद्योगों को सशक्त बनाना, नियमों के बोझ को कम करना और एक आधुनिक, पारदर्शी तथा आत्मनिर्भर औद्योगिक माहौल सृजित करना है। पंजाब देश में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी और निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य बिंदु
– उद्योगपतियों के लिए बड़ी वित्तीय राहत
– लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में सरल तबादला
– कम नियम और तेज स्वीकृतियां
– उद्योग-अनुकूल आधारभूत ढांचा प्रबंधन
– कारोबार करने की सुविधा पर विशेष ध्यान।पंजाब का मतलब है कारोबार।

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