चंडीगढ़, 27 अगस्त – हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र बुधवार को संपन्न हो गया। यह सत्र 22 अगस्त से 27 अगस्त तक चला और कुल चार बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान छह महत्वपूर्ण विधेयक सर्वसम्मति से पारित किए गए और श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष पर प्रस्ताव भी स्वीकार किया गया। सत्र की समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए विपक्ष पर सीधा हमला बोला और कांग्रेस पार्टी को लोकतंत्र की हत्या करने वाली पार्टी करार दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आज फर्जी वोटिंग का मुद्दा उठाकर शोर मचा रही है, लेकिन उसका पूरा राजनीतिक इतिहास धांधली और फर्जीवाड़े से भरा पड़ा है। उन्होंने वर्ष 1946 के कांग्रेस आंतरिक चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को 14 वोट मिले थे जबकि पंडित जवाहर लाल नेहरू को केवल एक वोट मिला था, इसके बावजूद नेहरू को विजेता घोषित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने इसे असली बूथ कैप्चरिंग बताया और कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने का काम कांग्रेस ने अपने जन्मकाल से ही शुरू कर दिया था।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में 2009 के विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस नेता सुखबीर कटारिया से जुड़ा बोगस वोटिंग मामला चर्चा में रहा। उस समय मतदाता सूची में हेरफेर करने और फर्जी वोटर आईडी कार्डों का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। इस मामले में 2013 में दो नई एफआईआर भी दर्ज हुईं। सैनी ने कहा कि यह वही कांग्रेस है जिसने आपातकाल लगाकर देशवासियों के संवैधानिक अधिकारों का गला घोंटा और पूरे देश में भय का वातावरण बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय बूथ कैप्चरिंग, दबाव, शराब और पैसे बांटकर वोट खरीदना आम बात हुआ करती थी और हरियाणा की जनता यह सब भली-भांति जानती है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना पर सवाल उठाए जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना इसलिए शुरू करनी पड़ी क्योंकि कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा में लिंगानुपात बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका था। वर्ष 2014 में जब कांग्रेस सत्ता छोड़कर गई, उस समय प्रदेश का लिंगानुपात मात्र 871 था और हरियाणा पर कन्या भ्रूण हत्या का कलंक लग चुका था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की। इस योजना के परिणामस्वरूप आज हरियाणा का लिंगानुपात सुधरकर 910 तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे प्रदेश की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि समाज में बदलाव का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री से जब 1984 के दंगा प्रभावित परिवारों को नौकरी देने के फैसले पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह निर्णय राजनीति से जुड़ा नहीं है बल्कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के पीछे केवल उन परिवारों को न्याय और सहारा देने की भावना है जिन्होंने 1984 के दंगों में अपनों को खोया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले पर राजनीति करना अनुचित है क्योंकि यह केवल श्रद्धांजलि और मानवीय संवेदना से जुड़ा हुआ निर्णय है।
कलेक्टर रेट और शराब ठेकों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की हर बात को गंभीरता से सुना गया, स्थगन प्रस्ताव भी स्वीकार किया गया, लेकिन जब सरकार ने तथ्यों के साथ जवाब दिया तो विपक्ष विरोध करते हुए सदन से बहिर्गमन कर गया। मुख्यमंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सदन बहस और संवाद का मंच है, लेकिन विपक्ष बहस से भाग रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश देख रहा है कि कांग्रेस अब मुद्दों से खाली हो चुकी है और जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित साइक्लोथॉन कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में सभी विधायकों को आमंत्रित किया गया था और यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता के लिए उठाया गया था। विपक्ष ने इसे ड्रामा कहकर इसका मज़ाक उड़ाने की कोशिश की, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद अनुचित था। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर विषय पर विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए थी।
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सरकार के हर फैसले का विरोध करता है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं और निर्णयों की सराहना पूरी दुनिया कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता देख रही है कि कौन प्रदेश के विकास के लिए काम कर रहा है और कौन केवल विरोध की राजनीति में लगा हुआ है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जनता अब पूरी तरह समझ चुकी है कि भाजपा सरकार जनहित के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है और कांग्रेस केवल अपनी खोई जमीन तलाश रही है।
सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून सत्र विधायी दृष्टि से भी सफल रहा और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। छह विधेयकों का पारित होना, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को श्रद्धांजलि देना और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर चर्चा होना इस सत्र की उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस सत्र में केवल नकारात्मक भूमिका निभाई और जनता के मुद्दों पर चर्चा करने की बजाय सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मुद्दों से खाली है और यही कारण है कि वह सदन में बहिर्गमन करके भाग खड़ी होती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य जनता की सेवा और विकास है और इसी संकल्प के साथ काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता सरकार की नीतियों और प्रयासों को समझ रही है और आने वाले समय में विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार देगी।
हरियाणा विधानसभा का यह मानसून सत्र एक ओर विधायी कार्यों के लिहाज़ से उल्लेखनीय रहा, वहीं दूसरी ओर राजनीति के मैदान में भी गर्मागर्मी का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर बार-बार हमला बोलते हुए यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि विपक्ष के पास अब न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही जनता के बीच जाने का साहस। वहीं, कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल और सदन से बहिर्गमन ने यह संकेत दिया कि आने वाले दिनों में हरियाणा की राजनीति और भी तीखी होने वाली है। लेकिन सत्र की समाप्ति के साथ यह संदेश साफ हो गया कि भाजपा सरकार खुद को विकास, सामाजिक सुधार और जनता की भलाई के मुद्दों पर खड़ा करती है, जबकि विपक्ष केवल विरोध के सहारे अपनी राजनीति बचाने का प्रयास कर रहा है।

