मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का युवाओं से आह्वान , शिक्षा को जीवन का मुख्य आधार बनाकर राष्ट्र निर्माण में दें योगदान

 

 

 

चंडीगढ़, 29 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं को आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने पूर्वजों की गौरवशाली परंपराओं को संजोते हुए शिक्षा को अपने जीवन का मूल आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा ही वह सशक्त साधन है, जिसके माध्यम से समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। शिक्षा से ही नई सोच, आत्मविश्वास और प्रगति के अवसर प्राप्त होते हैं।

मुख्यमंत्री राजस्थान के जोधपुर में आयोजित श्री सुमेर शिक्षण संस्थान के 128वें स्थापना समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 800 प्रतिभागियों को सम्मानित किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सोनी देवी गहलोत पैवेलियन एवं ग्राउंड का उद्घाटन किया और समाज सुधारक श्री भामाशाह जी तथा श्री देवी लाल गहलोत जी की प्रतिमाओं का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि ये प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी कि सेवा, त्याग और आदर्शों पर आधारित जीवन ही सच्चे अर्थों में महान होता है।

संस्थान का गौरवशाली इतिहास

मुख्यमंत्री ने सुमेर शिक्षण संस्थान और माली संस्थान जोधपुर के प्रबंधकों व शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान आजादी के आंदोलन का साक्षी रहा है और स्वतंत्रता के बाद भारत के विकास में भी उल्लेखनीय भूमिका निभा चुका है। यह संस्थान विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार, प्रशिक्षण, छात्रावास और निःशुल्क कोचिंग जैसी सुविधाएं प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है।

उन्होंने कहा कि समाज का इतिहास संघर्ष, त्याग और सेवा से भरा रहा है। इस समाज ने देश को वीर योद्धा, विद्वान, कलाकार और खिलाड़ी दिए हैं। महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, जगदेव प्रसाद कुशवाहा, मेजर ध्यानचंद और नेकचंद सैनी जैसी विभूतियों ने शिक्षा, सामाजिक सुधार, खेल और कला के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी है।

मोदी विजन 2047 से जोड़ा हरियाणा का योगदान

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा की जनता ने हमारी सरकार को लगातार तीसरी बार सेवा का अवसर दिया है। यह जनसमर्थन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन 2047 – विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में हरियाणा की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए मिला है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश राष्ट्रवाद, सुशासन, अंत्योदय और सबका साथ-सबका विकास की भावना को मजबूत करता है।

उन्होंने आगे कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तेज गति से विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है। डिफेंस कॉरिडोर से फ्रेट कॉरिडोर तक, भारतमाला से सागरमाला तक, रोडवेज, रेलवे और एयरवेज कनेक्टिविटी का जाल बिछाकर देश को आधुनिक बुनियादी ढांचे से जोड़ा जा रहा है। किसान की आय बढ़ाने, महिला सशक्तिकरण और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी बड़े कदम उठाए गए हैं।

शिक्षा और नैतिकता ही असली पूंजी

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाएं। उन्होंने कहा कि केवल डिग्री या प्रमाणपत्र ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि शिक्षा का असली उद्देश्य अच्छे नागरिक तैयार करना है। जब शिक्षा और नैतिकता साथ चलती हैं, तभी सशक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

गणमान्य रहे उपस्थित

इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री अविनाश गहलोत, सांसद श्री राजेन्द्र गहलोत, विधायक श्री भगवान राम सैनी, श्री भागचंद टांकड़ा, श्रीमती शोभा रानी कुशवाहा, माली संस्थान जोधपुर के अध्यक्ष श्री प्रेम सिंह परिहार, श्री सुमेर शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह कच्छावाह सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

 

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