प्रदेश में बनेगी हरियाणा आपदा राहत बल की दो बटालियन : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

रिपोर्ट : प्रीति कंबोज

चंडीगढ़, 30 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन को और सशक्त बनाने के लिए ‘हरियाणा आपदा राहत बल’ (Haryana Disaster Relief Force) की दो बटालियन का गठन किया जाएगा। यह बल राज्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने, आपदा प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता देने और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने का कार्य करेगा। इसके साथ ही, जिला जींद में अत्याधुनिक फायर एवं डिजास्टर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जिसका शिलान्यास जल्द किया जाएगा।

मुख्यमंत्री आज यहां अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

फायर सेफ्टी एनओसी प्रक्रिया होगी आसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की रिन्यूअल के लिए एनओसी आवेदन करते ही ऑटोमैटिक मिल जाएगी। इसके बाद विभागीय अधिकारी 15 दिनों के भीतर रैंडम चेक करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पेंडिंग एनओसी फाइलें रखने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और फायर एनओसी को सीएम डैशबोर्ड से जोड़ा जाए ताकि निगरानी पारदर्शी तरीके से हो सके।

अत्याधुनिक फायर गाड़ियां और उपकरण होंगे उपलब्ध

प्रदेश में जल्द ही 101 मीटर ऊँचाई तक कार्य करने वाली दो हाई-टेक फायर गाड़ियां खरीदी जाएंगी। इसके अलावा 13 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म वाले फायर टेंडर और 250 नई फायर गाड़ियां ब्लॉक स्तर तक तैनात की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि फायर गाड़ियों में लगे पानी के पाइप की क्षमता को बढ़ाकर 1000 मीटर किया जाए, जिससे भीड़भाड़ और तंग गलियों वाले क्षेत्रों में आग बुझाने में आसानी हो।

जींद में ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एनडीआरएफ मानकों पर

मुख्यमंत्री ने बताया कि जींद में बनने वाला ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट एनडीआरएफ (National Disaster Response Force) के मानकों के अनुरूप होगा। यहां भूकंप, आग, बाढ़ और अन्य आपदाओं से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी पेशेवर व स्थानीय तैराकों का डाटा पोर्टल पर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए ताकि बाढ़ जैसी परिस्थितियों में उनकी मदद ली जा सके।

59 नए फायर स्टेशन और फायर फाइटिंग रोबोट

भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार मैपिंग करवाई गई, जिसमें यह पाया गया कि हरियाणा में और अधिक फायर स्टेशनों की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 59 नए फायर स्टेशन खोले जाएंगे। इसके अलावा 10 आधुनिक फायर फाइटिंग रोबोट खरीदे जाएंगे, जिनका उपयोग पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, अग्निशमन सेवाओं के महानिदेशक श्री शेखर विद्यार्थी और विशेष सचिव श्री राहुल हुड्डा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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