मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सचिवालय में सरदार वल्लभभाई पटेल को किया नमन, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ

 

रिपोर्ट : प्रीति कंबोज

चंडीगढ़, 31 अक्तूबर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर हरियाणा सचिवालय में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देश की सुरक्षा के लिए समर्पित रहने की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल सही अर्थों में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक और अखंड भारत के शिल्पकार थे। आज़ादी के बाद उन्होंने भारत के प्रथम गृह मंत्री के रूप में अपने अद्वितीय साहस और प्रशासनिक दक्षता से देश की नींव को मजबूत किया। उस समय भारत अनेक रियासतों और रजवाड़ों में बंटा हुआ था, परंतु सरदार पटेल ने अपने अटूट संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति से 562 रियासतों का विलय कर एक अखंड भारत की नींव रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब भारत विश्व मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, तो उसकी नींव उन्हीं मूल्यों पर आधारित है जो सरदार पटेल ने स्थापित किए थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल के सपनों को साकार करते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर देश की एकता और अखंडता को फिर से सुदृढ़ किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात के नर्मदा जिले में स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि सरदार पटेल की उस अटूट भावना का प्रतीक है जिसने भारत को एक सूत्र में बांधा।

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि यह हर भारतीय को एकता, अखंडता और सुरक्षा के संकल्प को दोहराने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के अधिकारी और कर्मचारी सरदार पटेल की कार्यशैली, अनुशासन और सेवा भावना से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सरदार पटेल को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने विकट परिस्थितियों में अपनी बुद्धिमत्ता और दृढ़ इच्छाशक्ति से वह काम कर दिखाया जो दुनिया के इतिहास में अद्वितीय है। बिना किसी हिंसा और रक्तपात के इतनी बड़ी संख्या में रियासतों का एकीकरण करना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन त्याग, समर्पण और अनुशासन का प्रतीक है। वे चाहते थे कि भारत का प्रशासनिक ढांचा निष्ठा और सेवा भावना पर आधारित हो, और इसी सोच से उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) एवं भारतीय पुलिस सेवा (IPS) जैसी संस्थाओं की अवधारणा दी, जो आज राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं।

इस अवसर पर सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त और सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सैनी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई। उनके दूरदर्शी नेतृत्व ने देश की रियासतों को एकजुट कर भारत को राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से संगठित राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उनके प्रयासों से भारत न केवल एक मजबूत संघ के रूप में उभरा, बल्कि प्रशासनिक क्षमता और संगठन के क्षेत्र में भी विश्व में अपनी पहचान बनाई।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हरियाणा के नागरिकों को सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को व्यवहार में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए हर नागरिक का समर्पण ही सच्ची देशभक्ति है।

इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने पुनः सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि
“जब तक हमारे मन में सरदार पटेल की प्रेरणा जीवित है, तब तक भारत की एकता और अखंडता अटूट रहेगी। यही हमारे लिए सच्ची श्रद्धांजलि है।”

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