पिछले 6 वर्षों से पिंजौर कृषि उपमंडल कार्यालय भवन का निर्माण नहीं कर रहा मार्केटिंग बोर्ड- विजय बंसल

पिछले 6 वर्षों से पिंजौर कृषि उपमंडल कार्यालय भवन का निर्माण नहीं कर रहा मार्केटिंग बोर्ड- विजय बंसल

वर्ष 2019 में उपमंडल कार्यालय कालका के टिपरा में शिफ्ट करने से पिंजौर, मोरनी, रायपुर रानी और बरवाला ब्लॉक के किसानों को आ रही दिक्कतें

बंसल ने बताया पिछले दो वर्ष से मार्केटिंग बोर्ड क़ृषि भवन निर्माण के लिए बढ़ाई गई धनराशि की अप्रूवल का एजेंडा सरकार को भेज रहा है लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली

विजय बंसल ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री को ज्ञापन भेज कर कृषि उपमंडल कार्यालय भवन निर्माण होने तक पिंजौर एप्पल मंडी में स्थानांतरित करने की मांग की थी

बंसल ने कहा हैरानी की बात कृषि विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव के उपमंडल कार्यालय को एचएमटी एप्पल मंडी में शिफ्ट करने के आदेश की भी अनदेखी कर रहा मार्केटिंग बोर्ड

बंसल ने कहा कृषि विभाग ने वर्ष 2019 में मार्केट बोर्ड को जमा करवा दी थी भवन निर्माण लागत राशि 6 वर्ष बाद भी नहीं बनाया भवन

 

रिपोर्ट : सुरेंद्र सिंह

पिंजौर 21 दिसंबर

किसान हित की बात करने वाली बीजेपी सरकार के दावों की पोल खुद कृषि विपणन बोर्ड ने पिंजौर में अनुसूचित जाति के किसानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र भवन और कृषि उपमंडल कार्यालय पिंजौर का निर्माण न कर पूरी पोल खोल के रख दी है। उक्त शब्द शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष एवं हरियाणा किसान कांग्रेस प्रदेश के वरिष्ठ उप प्रधान विजय बंसल एडवोकेट ने कहे। विजय बंसल ने इसी विषय पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कृषि मंत्री को ज्ञापन भेज कर पिंजौर उपमंडल कृषि कार्यालय एवं अनुसूचित जाति किसान प्रशिक्षण केंद्र भवन का निर्माण तुरंत करने और भवन निर्माण होने तक कार्यालय को एचएमटी स्थित आधुनिक एप्पल मंडी में शिफ्ट करने की मांग की थी बावजूद इसके अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। विजय बंसल ने कहा कि हैरानी की बात है की मार्केटिंग बोर्ड पिछले दो वर्षों से भवन निर्माण के लिए बढ़ाई गई राशि का एजेंडा बनाकर मंजूरी के लिए सरकार के पास भेज रहा है लेकिन अभी तक उस एजेंडे को स्वीकृति नहीं मिली है। बता दे कि भवन निर्माण की राशि यदि 20% से अधिक होती है तो उसे मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाता है जिसमें सीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी में कृषि मंत्री और अन्य अधिकारी बढ़ी हुई राशि को मंजूरी देते हैं।

गौरतलब है कि पिंजौर ब्लॉक, मोरनी ब्लॉक, बरवाला ब्लॉक और रायपुर रानी ब्लॉक के किसानों की सुविधा के लिए सन 1985 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने पिंजौर गार्डन के सामने लगभग एक एकड़ भूमि पर कृषि उपमंडल कार्यालय का निर्माण करवाया था जिसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं को लागू कर उन्हें किसानों तक पहुंचाना था। लेकिन वर्ष 2019 में यहां पर कृषि उपमंडल कार्यालय और इसी परिसर में अनुसूचित जाति के किसानों का प्रशिक्षण केंद्र भवन का निर्माण को भी मंजूरी दी गई थी और उपमंडल कार्यालय भवन को तोड़कर कार्यालय को अस्थाई तौर पर हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर के साथ कालका के टिपरा में एक प्राइवेट भवन में शिफ्ट कर दिया गया था जहां पर पहुंचने के लिए किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क़ृषि उपमंडल कार्यालय में किसान बीज़, कीटनाशक दवाइयां, खाद आदि अन्य कृषि संबंधित कार्यों के लिए पिंजौर में आसानी से आ जाते थे लेकिन अब उन्हें कई बार ऑटो रिक्शा आदि अन्य वाहनो से कालका के टिपरा में जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। विशेष कर अर्ध पहाड़ी क्षेत्र के गरीब और बेहद पिछड़े हुए अनुसूचित जाति के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि बीजेपी सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना सरकारी फाइलों में ही दम तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के विकास के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि विभाग ने वर्ष 2019 में ही 3 करोड़ 98 लाख 36000 रूपये की राशि मार्केटिंग बोर्ड के निर्माण विभाग के पास जमा करवा दी थी लेकिन मार्केटिंग बोर्ड ने पिछले 6 वर्षों के दौरान भवन का ही निर्माण नहीं किया। इतना ही नहीं भवन निर्माण हुआ नहीं लेकिन वर्ष 2021 में भवन निर्माण की लागत बढ़ाकर 5 करोड़ 98 लाख 36000 रुपए कर दी गई थी। मार्केटिंग बोर्ड ने गत 3 दिसंबर को एक बार फिर से बढ़ाई गई राशि की मंजूरी के लिए एक एजेंडा बनाकर सरकार को भेजा हुआ है। अभी तक उसे एजेंडा को मंजूरी नहीं मिल पाई है उधर भवन निर्माण का टेंडर भी अधिक समय बीतने के कारण रद्द करना पड़ा अब फिर से मंजूरी के बाद टेंडर की प्रक्रिया नए सिरे से की जाएगी जिसमें बहुत अधिक समय लगेगा। यानी किसानों को फिलहाल जल्द ही कोई सुविधा नहीं मिलने वाली।

विजय बंसल ने बताया कि लोगों द्वारा कृषि उपमंडल कार्यालय को एचएमटी पिंजौर एप्पल मंडी में शिफ्ट करने की मांग को कृषि विभाग ने भी अपनी स्वीकृति दे दी थी। इसी विषय में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव ने विगत 6 जनवरी 2025 को किसानो की सुविधा के लिए पिंजौर उपमंडल कृषि उपमंडल कार्यालय को पिंजौर एप्पल मंडी में अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने के आदेश जारी किए थे लेकिन 9 महीने बाद उस पर भी अमल नहीं हुआ है।

उधर पिंजौर गार्डन के सामने पुराने कृषि भवन की जगह पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग चुकी है जिसने यहां जंगल का रूप धारण कर लिया है।

विजय बंसल ने कहा कि भवन निर्माण में देरी होने की वजह से भवन निर्माण लागत बढ़ती जा रही है किसानों को परेशानी अलग से उठानी पड़ रही है।

विजय बंसल ने कहा कि पिछले 6 वर्षों से किसानों के हितों की अनदेखी हो रही है यदि हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड पिंजौर में कृषि उपमंडल कार्यालय भवन और अनुसूचित जाति किसान प्रशिक्षण केंद्र भवन बनाने में सक्षम नहीं है तो भवन निर्माण कार्य का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को सौंपा जाए और भवन निर्माण होने तक उप मंडल कार्यालय को एचएमटी एप्पल मंडी में शिफ्ट किया जाए।

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