राजकीय महाविद्यालय, कालका में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन
स्पोर्ट : सुरेंद्र सिंह
कालका जनवरी 23: राजकीय महाविद्यालय, कालका की प्राचार्या डॉ. गीता सुखीजा के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में पूर्ण उत्साह के साथ किया गया। यह शिविर “यूथ फॉर माय भारत एंड डिजिटल लिटरेसी” थीम के अंतर्गत 19 जनवरी से जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्राचार्या डॉ. गीता सुखीजा ने दीप प्रज्वलित करके किया। उनके साथ एसोसिएट प्रोफेसर सुनीता चौहान, डॉ. नीरू शर्मा, डॉ. गीता कुमारी एवं सहायक प्राध्यापक सविता रही। इसके पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा सरस्वती वंदना एवं एनएसएस गीत प्रस्तुत किया गया। प्राचार्या डॉ. गीता सुखीजा ने एनएसएस के उद्देश्य, “मैं नहीं, आप” के संदेश तथा समाज निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम प्रभारी सविता ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत की तथा डॉ. आशीष कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। विशेष व्याख्यान में सीनियर एग्जीक्यूटिव ट्रेनर श्री इंदरपाल ने “एक बेहतर राष्ट्र का निर्माण: स्वयंसेवक और एनएसएस की शक्ति” विषय पर संबोधन किया, जबकि शिफास फाउंडेशन, चंडीगढ़ की निदेशक सुश्री जसकीरत कौर ने “डेटा कलेक्शन एवं फील्ड वर्क” पर जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। द्वितीय दिवस विद्यार्थियों को योग एवं ज्ञान करवाया गया, मानसिक स्वास्थ्य विषय पर ज्योति शर्मा लाइफ कोच, चंडीगढ़ द्वारा एक प्रेरक व्याख्यान दिया गया। इस सत्र में स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अपने विचार सांझा किये तथा मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रश्न पूछे, गोद लिए गए पार्क के सौंदर्यीकरण हेतु स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर उसे स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, “स्वदेशी का महत्व” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
तृतीय दिवस एनएसएस शिविर का शुभारंभ जुंबा एवं योग निद्रा के स्फूर्तिदायक सत्र के साथ हुआ। सभी स्वयंसेवकों द्वारा सामूहिक रूप से एनएसएस गीत का गायन किया गया जिससे उनमें एकता, अनुशासन एवं समर्पण की भावना का संचार हुआ। चंडीगढ़ के प्रसिद्ध समाजसेवी श्री सुखमन सिंह, जिन्हें “ब्लड मैन ऑफ चंडीगढ़” के नाम से जाना जाता है, द्वारा एक प्रेरणादायक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसके पश्चात डायरी लेखन कैसे करें? विषय पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान का आयोजन किया गया।

