पंजाब और चंडीगढ़ में सोमवार को बम से उड़ाने की धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। ईमेल के जरिए मिली इन धमकियों में मोहाली कोर्ट, जालंधर के स्कूलों और चंडीगढ़ की सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया है।
मोहाली स्थित जिला अदालत परिसर को तुरंत खाली करवा दिया गया और एहतियात के तौर पर दोपहर 3 बजे तक एंट्री बंद कर दी गई। पुलिस, प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील स्थानों पर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि सभी धमकियों की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
मोहाली कोर्ट में सघन तलाशी अभियान:
मोहाली कोर्ट को मिली धमकी के बाद पूरे कोर्ट कॉम्प्लेक्स को खाली करवा दिया गया। पुलिस ने इलाके को घेरकर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के हर हिस्से की बारीकी से जांच की जा रही है। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गई हैं।
जालंधर के स्कूलों और सरकारी इमारतों को भी धमकी:
ई मेल के जरिए जालंधर के डीपीएस स्कूल और मेयर वर्ल्ड स्कूल समेत कई शिक्षण संस्थानों को धमकी दी गई। इसके अलावा चंडीगढ़ में मेयर ऑफिस, सेक्रेटेरिएट और अन्य सरकारी इमारतों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। हालांकि, एहतियात के बावजूद जालंधर के स्कूलों में छुट्टी नहीं की गई और छात्र व स्टाफ सामान्य रूप से मौजूद रहे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
बड़े नेताओं को भी बनाया निशाना:
धमकी भरे ईमेल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, डीजीपी गौरव यादव, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की बात भी कही गई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं।
ईमेल में क्या लिखा गया:
धमकी भरी ईमेल में बम और ग्रेनेड हमलों का जिक्र करते हुए संभावित समय का भी उल्लेख किया गया है। इसमें जालंधर के स्कूलों और चंडीगढ़ की विभिन्न सरकारी जगहों पर धमाके करने की बात कही गई है। ईमेल में कुछ अलगाववादी संदेश भी शामिल हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
साइबर सेल कर रही जांच:
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल को जांच में शामिल किया गया है। तकनीकी टीमें ईमेल के आईपी एड्रेस और लोकेशन ट्रैक करने में जुटी हैं। लगातार मिल रही ऐसी धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
