कोमल रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़, 6 अक्टूबर। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला मंगलवार को बाढ़ड़ा अनाज मंडी पहुंचे। उन्होंने मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर किसानों से बातचीत की और खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर किसान हितों की अनदेखी करने और सरकारी खरीद व्यवस्था पर सवाल उठाए।
डॉ चौटाला ने कहा कि किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब के चुनाव में व्यस्त है और प्रदेश के किसान अपनी समस्याओं को लेकर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री और नेता विदेश यात्राओं में व्यस्त हैं, जबकि किसान खाद, बीज और फसल खरीद जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि खाद-बीज की पर्ची तक थानों में मिलने की स्थिति पैदा हो गई है।
उन्होंने सरकारी तंत्र के कथित दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। अजय चौटाला ने कहा कि चुनाव आयोग भी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा है। यदि सरकारी तंत्र का दुरुपयोग हो रहा है तो सरकार के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन आरोप है कि अपने राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
*”समय आ गया है भाजपा को सत्ता से दूर करने का”*
जेजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अब समय आ गया है कि भाजपा सरकार को सत्ता से दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि हालात इसी तरह बने रहे तो देश का युवा बदलाव के लिए आगे आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार परलाल किसान, मजदूर, व्यापारी और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है और सभी वर्ग परेशान हैं और देश का युवा बदलाव चाहता है।
उन्होंने कहा कि जब जेजेपी प्रदेश सरकार में शामिल थी, उस समय किसानों की फसल खरीद को लेकर इस तरह की समस्याएं सामने नहीं आती थीं। आज किसानों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी आंदोलन करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की फसल की समय पर खरीद सुनिश्चित करने के साथ-साथ खाद, बीज और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं का भी समाधान करना चाहिए।
अजय चौटाला ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को लेकर जनता में रोष बढ़ रहा है और आने वाले समय में इसका जवाब जनता अपने तरीके से देगी। इस अवसर पर जेजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश द्वारका, जेजेपी जिला प्रभारी रिशीपाल उमरवास, जिला अध्यक्ष रवींद्र चरखी, हल्का अध्यक्ष विजय श्योराण काकडोली आदि मौजूद रहे।

