हेमंत कुमार (रमोला न्यूज़ ब्यूरो )
कालका, 7अक्तूबर
एमटीपी और पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा लिंगानुपात में सुधार के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने पिंजौर क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। टीम ने तीन केमिस्ट दुकानों, एक नर्सिंग होम और दो लैबोरेट्रीज की जांच की। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को लेकर संबंधित संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। टीम ने चौधरी मेडिकल सेंटर, अग्रवाल मेडिकोज और दवा इंडिया जेनरिक फार्मेसी में एमटीपी से संबंधित दवाइयों, स्टॉक रजिस्टर और अन्य जरूरी रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों ने दुकानदारों को निर्धारित नियमों के अनुसार दवाइयों की बिक्री और रिकॉर्ड बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके बाद जेएन शौरी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का निरीक्षण कर एमटीपी से जुड़े दस्तावेजों तथा अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में सी-सेक्शन मामलों का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक पाया गया है। इस संबंध में रिकॉर्ड का विस्तृत अवलोकन किया जा रहा है और जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अभियान के दौरान अजय क्लिनिकल लैबोरेटरी और अलफा मेडिकल लैब की भी जांच की गई। अजय क्लिनिकल लैबोरेटरी का क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट प्रमाणपत्र समाप्त मिला जबकि अलफा मेडिकल लैब के पास प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं पाया गया। दोनों संस्थानों को नियमों के अनुसार आवश्यक अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में डॉ. अरुणदीप, नोडल अधिकारी पीएनडीटी, डॉ. विकास, नोडल अधिकारी एआरटी एवं सरोगेसी तथा ड्रग कंट्रोलर अधिकारी प्रवीण चौधरी सहित संबंधित अधिकारी शामिल रहे। विभाग ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी और स्वास्थ्य संस्थानों, लैब तथा केमिस्ट दुकानों की नियमित व औचक जांच आगे भी जारी रहेगी।

