ओम प्रकाश रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
नई टिहरी: हेमंती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर बादशाही थौल टिहरी में पूर्व परिसर निदेशक व वर्तमान विभागाध्यक्ष भौतिकी के पद पर कार्यरत प्रो. राकेश चंद्र रमोला को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी–एल्सेवियर की वर्ष 2026 की विश्व की सर्वश्रेष्ठ दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में लगातार पांचवीं बार स्थान मिला है। उन्हें करियर-दीर्घकालीन प्रभाव व रेडियन शोध एवं एक-वर्षीय शोध प्रभाव दोनों श्रेणियों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। वर्तमान में गढ़वाल विवि के कुल नौ फैकल्टी सदस्यों का इस सूची में चयन होना संस्थान गढ़वाल विवि की उच्च अकादमिक प्रतिष्ठा को रेखांकित करता है। जो कि विवि व उत्तराखंड और देश और परिसर के लिए एक गौरव की बात है
बादशाहीथौल परिसर से विज्ञान की अलख जगाते हुए प्रो. रमोला का संपूर्ण शोध जीवन अदृश्य विकिरणों, विशेष रूप से रेडान गैस के रहस्यों को सुलझाने और मानव स्वास्थ्य व भू-भौतिकीय घटनाओं पर इसके प्रभावों को समझने में समर्पित रहा है। और आजकल शोधार्थी और प्रो. रमोला इन दिनों जौनसार-बावर के चकराता और सीमांत उत्तरकाशी क्षेत्र में एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण शोध अभियान में जुटे हैं, भूकंपीय पूर्वाभास व भू-गर्भीय अध्ययन हिमालयी क्षेत्रों की फाल्ट लाइनों के आसपास मिट्टी और जल से निकलने वाली रेडान गैस के उत्सर्जन पैटर्नों का सूक्ष्म मापन कर रहे हैं, ताकि भूगर्भीय हलचलों और संभावित भू-स्खलन के संकेतों को वैज्ञानिक दृष्टि से समझा जा सके। पर्यावरणीय सुरक्षा व स्वास्थ्य जागरूकता इन पर्वतीय क्षेत्रों के पारंपरिक मकानों, गुफाओं और प्राकृतिक जल-स्रोतों में रेडान के स्तर का अध्ययन कर स्थानीय जनसमुदाय को इसके स्वास्थ्यगत प्रभावों के प्रति सुरक्षित बनाने का धरातलीय कार्य कर रहे हैं। प्रो. रमोला का बादशाही थौल टिहरी जैसी छोटे सीमित संसाधनों में रहकर विश्व मंच पर चमकने वाली यह उपलब्धि न केवल उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक शोध को नई दिशा देती है, बल्कि यह सिद्ध करती है कि दृढ निष्ठा और निरंतर साधना से हिमालय की कंदराओं में भी विश्वस्तरीय विज्ञान रचा जा सकता है। प्रो. आरसी रमोला इससे पूर्व 100 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सेमिनारों में प्रस्तुत कर चुके हैं और दो दर्जन से अधिक शोधार्थियों को शोध कार्य पूर्ण कर चुके हैं। साथ ही पिछले छह वर्षों तक निरंतर परिसर में निदेशक का कार्य भी देख चुके हैं। प्रो. रमोला के इस उच्च स्तरीय शोध पर परिसर के समस्त शिक्षकों, अधिकारियों कर्मचारियों व छात्र संघ के पदाधिकारी और छात्र-छात्राओं ने खुशी व्यक्त की है।

