कोमल रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरोअंबाला :पुलिस अधीक्षक अंबाला श्री अजीत सिंह शेखावत (IPS) ने आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। लोगों की अनजान कॉल, फर्जी लिंक, भ्रामक संदेशों और झूठे प्रलोभनों के प्रति लापरवाही का फायदा उठाकर साइबर ठग उनकी मेहनत की कमाई को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अंबाला पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस अभियान की मुख्य थीम “STOP – THINK – TAKE ACTION” रखी गई है, जिसके माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत उचित कार्रवाई करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि वे डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करते समय सतर्कता बरतें और किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें।
साइबर सुरक्षा के तीन मूल मंत्र,
1. STOP – पहले रुकें।
किसी अनजान नंबर से आई कॉल, संदेश या वीडियो कॉल पर तुरंत विश्वास न करें।
डराने, धमकाने या जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें।
किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने या अनजान व्यक्ति को भुगतान करने से बचें।
2. THINK – सोचें और सत्यापित करें।
किसी भी अनजान कॉल, लिंक, मैसेज या पेमेंट रिक्वेस्ट की सत्यता की जांच करें।
पुलिस, CBI, ED या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर डराने वाले व्यक्ति के झांसे में न आएं। याद रखें, कोई भी वैध पुलिस कार्रवाई केवल वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी का आदेश देकर या पैसे ट्रांसफर करवाकर नहीं की जाती।
बैंक अधिकारी या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर संपर्क करने वाले व्यक्ति को OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी न दें।
ऑनलाइन निवेश में असामान्य मुनाफे का वादा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें। निवेश करने से पहले संबंधित संस्था और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता जांचें।
पैसे प्राप्त करने के लिए सामान्यतः UPI PIN डालने की आवश्यकता नहीं होती। अनजान QR कोड स्कैन करके या संदिग्ध पेमेंट रिक्वेस्ट स्वीकार करके भुगतान न करें।
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर APK फाइल इंस्टॉल न करें और मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप की अनुमति न दें।
3. TAKE ACTION – तुरंत कार्रवाई करें।
यदि आपके साथ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
साइबर अपराध की शिकायत आधिकारिक पोर्टल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज करें।
अपने बैंक को तुरंत सूचित करें और खाते, कार्ड या संबंधित डिजिटल भुगतान सुविधा को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
संदिग्ध कॉल, मोबाइल नंबर, चैट, ट्रांजैक्शन आईडी, बैंक संदेश और स्क्रीनशॉट जैसे साक्ष्य सुरक्षित रखें।
यदि मोबाइल में संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो गया है, तो सुरक्षित डिवाइस से बैंक से संपर्क करें और संबंधित खाते तथा डिवाइस की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
साइबर अपराधियों के इन तरीकों से रहें सावधान,
अंबाला पुलिस द्वारा नागरिकों को विशेष रूप से निम्नलिखित साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है:
डिजिटल अरेस्ट स्कैम: पुलिस या अन्य जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाना और पैसे की मांग करना।
ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी: शेयर मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी या अन्य निवेश में गारंटीड और असामान्य मुनाफे का लालच देना।
UPI एवं बैंकिंग फ्रॉड: फर्जी पेमेंट रिक्वेस्ट, QR कोड और बैंक अधिकारी बनकर गोपनीय जानकारी हासिल करना।
फर्जी कस्टमर केयर: इंटरनेट सर्च या सोशल मीडिया पर मिले नकली हेल्पलाइन नंबरों के जरिए ठगी करना।
फिशिंग एवं OTP/KYC फ्रॉड: बैंक खाता बंद होने, KYC अपडेट करने या इनाम मिलने का झांसा देकर जानकारी चुराना।
फर्जी सरकारी अधिकारी: वीडियो कॉल पर वर्दी, फर्जी पहचान पत्र या नकली दस्तावेज दिखाकर लोगों को डराना।
मालिशियस APK एवं रिमोट एक्सेस फ्रॉड: संदिग्ध ऐप के माध्यम से मोबाइल, बैंकिंग जानकारी या डिजिटल खातों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त करना।
पुलिस अधीक्षक की आमजन से अपील,
पुलिस अधीक्षक श्री अजीत सिंह शेखावत (IPS) ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता, सतर्कता और समय पर कार्रवाई है। साइबर ठग अक्सर लोगों को डराकर, लालच देकर या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करके अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, पासवर्ड और UPI PIN किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर शर्म या डर के कारण शिकायत करने में देरी न करें, बल्कि तुरंत 1930 पर संपर्क करें। समय पर शिकायत करने से धोखाधड़ी की रकम को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है।

