कोमल रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
कालका14 अक्टूबर ।
कालका विधानसभा क्षेत्र में बीते दो वर्षों के दौरान विकास कार्यों को लेकर भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार पर सवाल उठने लगे हैं। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं शिवालिक विकास मंच प्रदेश अध्यक्ष विजय बंसल एडवोकेट ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कालका के विधायक, राज्यसभा सांसद और नगर परिषद अध्यक्ष भाजपा के होने के बावजूद क्षेत्र में विकास की रफ्तार बेहद धीमी है। बीजेपी की ट्रिपल इंजन सरकार पर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं एडवोकेट विजय बंसल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर केवल हवा में आंकड़ों का खेल खेल रही है, जबकि धरातल पर जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
विजय बंसल ने कहा कि कालका और पिंजौर क्षेत्र की जनता को बड़ी-बड़ी घोषणाओं के बजाय रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, बेहतर सड़कों, स्वच्छता, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। लेकिन गत दो वर्षों में भी क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्ता के तीनों महत्वपूर्ण पदों पर भाजपा का प्रभाव है तो फिर कालका विधानसभा क्षेत्र विकास के मामले में पीछे क्यों है? उन्होने कहा कि अभी भी पिछले एक दशक से अधिक समय से विकास कार्य अधूरे पड़े हुए हैं।
विजय बंसल ने कहा कि पिंजौर स्थित एचएमटी ट्रैक्टर फैक्ट्री दोबारा शुरू नहीं हो पाई है, जिससे रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा हाथ लगी है। जबकि भाजपा सरकार वर्ष 2019 और वर्ष 2024 के विधानसभाओं और लोकसभा चुनाव में लोगों से एचएमटी फैक्ट्री को दोबारा चालू करने के वायदे किए थे। इतना ही नहीं एचएमटी मशीन टूल्स भी बंद होने के कगार पर है नामात्र के रह गए कर्मचारियों को 18-18 महीनों की सेलरी नहीं दी जा रही है। सूरजपुर और मल्लाह में बंद की गई सिमेंट फैक्ट्री की जगह पर कोई नया सीमेंट उद्योग स्थापित करने की मांग भी पूरी नहीं हुई। बीजेपी सरकार ने कोई नयां प्लांट नहीं लगाया है जिससे लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकें। कालका के प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री काली माता मंदिर में पार्किंग की समस्या बनी हुई है। गत 2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने चुनाव जीतने के बाद दो महीने के भीतर पार्किंग बनाने का वादा किया था 2 महीने तो क्या 2 साल बाद भी यहां पार्किंग नहीं बनी जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कालका श्रीमती अरुणा आसिफ अली पोस्ट ग्रेजुएट राजकीय कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल के लिए 5 करोड रुपए की राशि आई थी लेकिन हॉस्टल अभी तक नहीं बना राशि वापिस चली गई। पिंजौर में तोड़ा गया कृषि उपमंडल कार्यालय भवन वर्ष 2019 से निर्माण के लिए लंबित पड़ा है। पिंजौर के यादवेंद्र गार्डन और मोरनी के टिक्करताल पर्यटन केंद्र के लिए केंद्र सरकार द्वारा 92 करोड रुपए मंजूर किए गए थे लेकिन अभी तक उन पर कोई कार्यवाही ही नहीं हुई पिछले 30 वर्षों से गांव कजियाना में मंजूर हो रखा पर्यटन केंद्र अभी तक नहीं बना है। पिंजौर की लेखु कॉलोनी में गरीबों के लिए बनाए गए 24 मकान अभी तक पिछले 12 वर्षों में मकान नहीं अलॉट किए जा सके हैं। बंसल ने कहा कि हाईकोर्ट के माध्यम से पिंजौर के सैक्टर 28 में लघु सचिवालय के लिए जमीन अलॉट करवाई थी लेकिन लघु सचिवालय नहीं बना।
बंसन ने कहा कि कालका में 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाने की योजना पूरी नहीं हुई, केवल इतना ही नहीं पिंजौर पॉलीक्लिनिक अस्पताल का भवन भी अधूरा पड़ा है। रायतन क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रद्द किए जाने से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। खेड़ांवाली कालका में 40 करोड़ की लागत से बना नर्सिंग कॉलेज में कक्षाएं आरंभ नहीं की गई हैं मजबूरन छात्रों को प्राईवेट नर्सिंग कॉलेजों में दाखिला लेना पड़ रहा है। रायतन क्षेत्र में 66 केवी बिजली सब स्टेशन नहीं बनाया है। उन्होने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोगों को इलाज के लिए दूर दराज के दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। रोजगार और औद्योगिक विकास की कमी से स्थानीय युवाओं की उम्मीदों को भी झटका लगा है।
विजय बंसल ने कालका-पिंजौर मेन सड़क और सभी गांव के लिंक रोड की खराब सड़कों, टूटी गलियों, सफाई व्यवस्था की बदहाली और स्ट्रीट लाइटों की कमी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कालका शहर में पानी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है पिंजौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पेयजल संकट अभी तक बरकरार है। वहीं पिंजौर-नालागढ़ हाईवे को फोरलेन बनाने का काम भी क्षेत्र की प्रमुख अपेक्षाओं में शामिल है जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। पिंजौर, कालका क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का इतना बुरा हाल है कि जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने वाली योजना पूरी तरह से फेल हो चुकी है। जबकि डोर टू डोर गार्बेज कलेक्शन स्कीम की वसूली लोगों से हाउस टैक्स के साथ ही वसूली जा रही है। विजय बंसल ने कहा कि पिछले लगभग 6 वर्षों से कालका तहसील के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में धारा 7 ए लगा रखी है जिससे लोगों की जमीन और मकान की रजिस्टरियां भी बंद पड़ी है। इतना ही नहीं अभी भी दर्जनों गांव पेरीफेरी एक्ट के कारण विकास के मामले में पिछड़ चुके हैं। लेकिन सरकार को यह सारी समस्या नजर नहीं आ रही।
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि मोरनी क्षेत्र को पहाड़ी क्षेत्र का दर्जा नहीं दिया गया वहां पर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं के बराबर हैं रोजगार के कोई साधन नहीं है। मोरनी वासियों की नोतोड़ भूमि का मामला भी अभी तक विचार अधीन है। मोरनी क्षेत्र से सैकड़ो परिवार पलायन करके पिंजौर, कालका और आसपास के क्षेत्र में जाकर बसने को मजबूर हुए हैं।
विजय बंसल एडवोकेट ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रचार और हवाई आंकड़ों के जरिए विकास की तस्वीर पेश कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्होंने कहा कि जनता को अब घोषणाएं नहीं, बल्कि समस्याओं का ठोस समाधान चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह कालका विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दे और लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करवाए।

