पंचकूला में पहली बार गूंजा गुजरात का गरबा, डांडिया की थाप पर झूमा पूरा शहर*

 

कोमल रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
पंचकूला 20 अक्तूबर : नवरात्रि के पावन पर्व पर पंचकूला ने इस बार ऐसा सांस्कृतिक रंग देखा, जिसकी गूंज लंबे समय तक शहरवासियों के दिलों में बनी रहेगी। होटल पल्लवी ग्रांड, सेक्टर-5 में पहली बार आयोजित नौ दिवसीय रास गरबा एवं डांडिया महोत्सव-2026 का भव्य समापन श्रद्धा, भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों के बीच हुआ। नौ दिनों तक पूरा पल्लवी ग्रांड गुजरात की संस्कृति, गरबा की थाप, डांडिया की खनक और सनातन परंपराओं के रंग में रंगा नजर आया।

शाम होते ही पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चे, युवा, महिलाएं और परिवार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे और जैसे-जैसे गरबा की धुन तेज होती गई, पूरा वातावरण उत्सवमय होता चला गया। छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग ने गरबा और डांडिया में हिस्सा लेकर इस आयोजन को यादगार बना दिया।

महोत्सव का शुभारंभ हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती सुमन सैनी एवं हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की चेयरमैन श्रीमती बंतो कटारिया ने विधिवत ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया। शुभारंभ अवसर पर सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के इस प्रयास की सराहना की गई।

आयोजन में कालका विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा , पंचकूला महापौर श्री शाम लाल बंसल, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अजय मित्तल , हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता , मुख्यमंत्री हरियाणा के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी की धर्मपत्नी श्रीमती साक्षी भंडारी , हरियाणा लोक सेवा आयोग से श्रीमती ममता यादव, समाजसेवी श्री अमित जिंदल सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने शिरकत की।

महोत्सव में प्रसिद्ध गरबा क्वीन भावना पारिख एवं मीना वर्मा ने प्रतिभागियों को गरबा और डांडिया की धुनों पर थिरकाया। उनकी प्रस्तुतियों और मार्गदर्शन ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। डीजे की धुनों पर जब सैकड़ों हाथों में डांडिया की खनक गूंजी तो पूरा वातावरण ऊर्जा और उत्साह से भर उठा।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यहां केवल युवा ही नहीं, बल्कि महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और पूरे परिवारों ने एक साथ गरबा किया। यही पारिवारिक सहभागिता इस महोत्सव की सबसे बड़ी पहचान बनी।

आयोजकों ने कहा कि रास गरबा एवं डांडिया महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं था। इसके पीछे एक बड़ा सामाजिक संदेश भी था—युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना और उन्हें भारतीय संस्कृति, संस्कारों तथा सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना।

महोत्सव में भाग लेने वाले परिवारों ने भी कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ परिवार को एक साथ समय बिताने का अवसर देते हैं।

नौ दिनों तक चले आयोजन में प्रतिभागियों के उत्साह को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और उपहार रखे गए। महिलाओं और बच्चों सहित अनेक प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। हर दिन पुरस्कारों की घोषणा होते ही प्रतिभागियों में नया उत्साह देखने को मिला।

नवरात्रि की नवमी तिथि 19 अक्टूबर, सोमवार को आयोजित भव्य समापन समारोह में राज्यसभा सांसद श्रीमती रेखा शर्मा, पंचकूला महापौर श्री शाम लाल बंसल एवं हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की चेयरमैन श्रीमती बंतो कटारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।

समापन अवसर पर महापौर श्याम लाल बंसल का जन्मदिन भी केक काटकर मनाया गया। प्रतिभागियों और आयोजकों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पूर्व महापौर कुलभूषण गोयल अपनी धर्मपत्नी सहित, ओम प्रकाश देवी नगर, एवं अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

इस भव्य आयोजन का संचालन श्री रतन लाल कटारिया ट्रस्ट एवं होटल पल्लवी ग्रांड के संयुक्त प्रयासों से किया गया। आयोजन को सफल बनाने में ट्रस्ट की संयोजक श्रीमती बंतो कटारिया , होटल पल्लवी ग्रांड के मालिक श्री राजीव गुप्ता, धर्मपत्नी श्रीमती मनीषी गुप्ता,कार्यक्रम संयोजक श्री दिनेश गुप्ता, धर्मपत्नी रितु गुप्ता,सुरेंद्र गोयल सहित पूरी आयोजन टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आयोजकों ने कहा कि पंचकूला में पहली बार आयोजित इस महोत्सव को शहरवासियों से जिस तरह का प्यार, सहयोग और उत्साह मिला, वह उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। लोगों की मांग है कि पंचकूला में हर वर्ष इसी भव्यता के साथ रास गरबा एवं डांडिया महोत्सव आयोजित किया जाए।

नौ दिनों का यह आयोजन समाप्त जरूर हुआ, लेकिन अपने पीछे संस्कृति, संस्कार, सामाजिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा की ऐसी छाप छोड़ गया है, जिसे पंचकूलावासी लंबे समय तक याद रखेंगे।
यह सिर्फ गरबा नहीं था… यह पंचकूला में सनातन संस्कृति का उत्सव था। संस्कृति हमारी पहचान — सनातन हमारा अभिमान

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