उद्यान विभाग के प्रयासों से बंजर भूमि हो रही आबाद, किसान भी दिखा रहे दिलचस्पी।

 

सुरेश चंद रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो/उत्तरकाशी

प्रखंड डुंडा के भंडारस्यूं , पिपली और गाजणा क्षेत्र के किसान अब कोदे झंगोरे के मोटे अनाज तक अब सीमित नहीं रहेंगे बल्कि तकनीकी और सरकार की बहुआयामी किसान फसल बीमा योजनाओं में भी दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। उद्यान विभाग के सौजन्य से सहयोगी संस्था गंगोत्री फेड फार्मर प्रड्यूसर कंपनी और सिनर्जी टैक्नोफिन प्रांतीय लिमिटेड किसानों को नयी तकनीकी से बंजर खेतों को आबाद करने में जुट गयी है। कंपनी के सर्वेयर व विशेषज्ञ जायका के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए गांव गांव जाकर किसानों को नयी तकनीकी से फसल उत्पादन बढ़ाने और साग, सब्जियां, व फलों की खेती विकसित करने का काम कर रहे हैं । गत वर्ष जायका ने गाजणा क्षेत्र के ठांडी, कमद भेटियारा, गांवों के नब्बे किसानों से दस हैक्टेयर भूमि पर कीवी के पौधे लगवाये और इस बार जायका भंडारस्यूं क्षेत्र में इस कार्य को विस्तार दे रहा है। बागवानी के क्षेत्र में अलग अलग क्लस्टर बनाकर गुणवान पौधे, जैविक खाद, हाइब्रिड सब्जियों के बीज, मशरुम उत्पादन, पौली हाउस, मधूमक्खी पालन, जैविक दवाइयां , जियो टैंक और अन्य आधुनिक उपकरण अस्सी से नबै प्रतिशत के शब्सीडी पर उपलब्ध करवा रहे हैं। पिपली और ब्रह्मखाल क्लस्टर में जायका इस बार बारह हैक्टेयर क्षेत्रफल में नगदी फसल के अलावा कीवी मिशन और सेव के बाग के अलावा स्टोन फ्रूट के उत्पादन का लक्ष्य के साथ किसानों की सहमति बनाने में जुटा है। ब्रह्मखाल क्लस्टर के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भंडारी और धौंतरी के दुर्गा प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार की किसान प्रोत्साहन योजना के तहत जिस प्रकार उद्यान विभाग और उसकी सहयोगी संस्था जायका योजनाओं से किसानों को प्रेरणा मिल रही है वह सराहनीय है और इससे किसान आत्मनिर्भर बनेगा व बढ़ते पलायन पर रोक लगेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *