श्री कृष्ण सेवा दल ने की तैयारियों को अंतिम रूप, शाम 4 बजे होगी शुरुआत
कालका, 14 अगस्त।
कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आज कालका शहर में धार्मिक उल्लास और भक्ति के रंगों से सराबोर एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा का आयोजन श्री कृष्ण सेवा दल, कालका द्वारा किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दल के प्रधान आशु गुलाटी ने बताया कि शोभायात्रा में देश-प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकार, बैंड और झांकियां अपनी कला और श्रद्धा से माहौल को कृष्णमय बना देंगे।
श्री गुलाटी ने जानकारी दी कि शोभायात्रा की विशेष आकर्षण में रुड़की से बुलाया गया राम सेवा बैंड, यमुनानगर से आई भव्य झांकियां, राजपुरा से धार्मिक झलक प्रस्तुत करने वाले कलाकार, और पटियाला से आए अघोरी ग्रुप शामिल हैं। इनके साथ ही, नासिक ढोल की गूंज और मनमोहक सजावट से सजे रथ, भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देंगे। आयोजन समिति का कहना है कि यह शोभायात्रा कालका में अब तक की सबसे रंगीन और भव्य होगी, जिसमें कृष्ण लीलाओं की झलकियां और धार्मिक गीतों की मधुर धुनें श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव कराएंगी।
शोभायात्रा का शुभारंभ आज शाम 4:00 बजे किया जाएगा, जो कालका शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुज़रेगी। पूरे मार्ग को रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और रोशनी से सजाया गया है, ताकि श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद पूरे उत्साह के साथ ले सकें। शोभायात्रा के मुख्य अतिथि मोहन कुमार तुली होंगे, जो शहरवासियों को शुभकामनाएं देंगे और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने का संदेश देंगे।
आयोजन समिति ने बताया कि शोभायात्रा में शामिल होने वाले भक्तों के लिए पूरे प्रसाद की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से विशेष इंतज़ाम किए गए हैं। पुलिसकर्मी और स्वयंसेवक मार्ग पर तैनात रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व, भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कालका में भी यह पर्व एक लंबे समय से शोभायात्राओं और भजन-कीर्तन के साथ मनाने की परंपरा रही है। इस वर्ष की शोभायात्रा में विशेष रूप से तैयार की गई झांकियां, जिनमें कृष्ण जन्म, बाल लीलाएं, गोवर्धन उठाने की कथा और महाभारत के प्रसंग दर्शाए जाएंगे, दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होंगी।
प्रधान आशु गुलाटी ने सभी शहरवासियों और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देती है।
शाम को जब भगवान श्रीकृष्ण की झांकियों के साथ रथ नगर भ्रमण करेंगे, तब ढोल-नगाड़ों और बैंड की धुन पर नाचते-गाते श्रद्धालु पूरे शहर को भक्ति में डुबो देंगे। आयोजन समिति का दावा है कि इस बार का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव साबित होगा।
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