आवासीय योजना के 25 मकानों के प्रांगण को बना दिया कबाड़ का डंप स्टेशन
पिंजौर, 11 अप्रैल।
सरकार द्वारा योजनाएं बनाकर करोड़ों रुपए खर्च करके लोगों को उसकी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है परंतु पिंजौर में एक ऐसा ही प्रोजेक्ट कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में बनाया गया था जिस पर उस समय सरकार ने लाखों रुपए खर्च करके उसका लाभ गरीब लोगों को देने पर काम किया गया था परंतु मौजूद भाजपा सरकार की अनदेखी के चलते उसका लाभ आज तक कोई गरीब भी नहीं ले सका। यह बात प्रदीप चौधरी पूर्व विधायक कालका ने पिंजौर में पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा द्वारा 13 वर्ष पूर्व दिसम्बर 2012 को आवासीय योजना के अंतर्गत गरीबो के लिए बनाए गए 24 मकानों को आज तक गरीबो को अलॉट न करने पर सवाल उठाते हुए कही, उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन इन 24 मकानों को गरीबो को अलॉट तो कर नही पाई उल्टा वहां पर कुड़ा कबाड़ जमा करके उसे डंप स्टेशन बना दिया है, नगर परिषद द्वारा ट्रालियों में भरकर वहा पर कबाड़ गिराया जा रहा है।
गरीबो के लिए बने इन 24 मकानों की देखरेख न होने के कारण इनकी हालत काफी खराब हो चुकी है, हालांकि इनकी रिपेयर पर पहले पैसा भी खर्च किया गया था, इन्हें गरीबो को न अलॉट करके सरकारी पैसे की बर्बादी की जा रही है। बहुत से गरीब ऐसे है जिन्हें इतनी ज्यादा महंगाई में मकान की छत तक नसीब नही हो रही और यहा पर सरकार इन्हें अलॉट करने में कोई रुचि नही दिखा रही।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आवास एंव शहरी उन्मूलन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्माण सामग्री एवं प्रौद्योगिक सवर्धन परिषद के तहत पिंजौर में पड़ने वाली पीरमसाला कॉलोनी के पास गरीबों के लिए कम लागत तकनीकों पर आधारित 24 मकानों का निर्माण करवाया था। जिसका शिलान्यास अंबाला लोकसभा से पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने 28 फरवरी 2009 में किया था। करीब 3 साल बाद यह मकान बनकर तैयार हो गए थे जिसका उद्धघाटन करने भी 8 दिसंबर 2012 को कुमारी शैलजा ही पहुंची। यह 24 मकान 2 तल पर है, एक सामुदायिक केंद्र व एक बहुउद्देशीय साधना कक्ष भी निर्मित है।
मकानों के प्रांगण में कबाड़ गिराने को लेकर पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने नगर परिषद इओ जरनैल सिंह से फोन पर बात की तो उन्होंने कहा कि अंबेडकर जयंती के चलते कुछ अस्थाई सामग्री वहां रखी जा रही है और जल्द ही इसे हटा दिया जाएगा। हालांकि, चौधरी ने इसे मात्र बहाना बताया और कहा कि अगर मकानों का उपयोग सही तरीके से होता तो आज वहां कूड़े का ढेर नहीं होता।
फोटो – आवासीय योजना के अन्तर्ग बने 24 मकानों के प्रांगण में कबाड़ गिराते हुए।

