उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से आई भयंकर विनाशकारी बाढ़, लोगों की चीख पुकार से रूह भी कांपने लगी है

 

* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने घटना पर प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदन प्रकट की
*भारी संख्या में मजदूरों के और स्थानीय लोगों के दबे होने की आशंका

*डीएम और एसएसपी मौके लिए पर पहुंचे एनडीआरएफ और सेना की टुकड़ी भी पहुंची

उत्तरकाशी : गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले के धराली में खीर गंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से भारी तबाही मचाई जिससे चीख-पुकार मच गई। घटना मंगलवार दोपहर है कि अचानक खीर गंगा में बाढ़ आई जिससे सामने गंगा जी पार मुखवा गांव के लोगों ने देखा तो उन्होंने चीख-पुकार मचाईं और वह इतनी भयंकर डरे हुए थे कि उनकी चीज पुकार सुनकर जो वीडियो सामने आए हैं उसे रूबी कंपनी लगी है. इस घटना पर पीएम मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी से बात की और सारे हालात का जायजा लिया केंद्र और राज्य सरकार दोनों संपर्क में है और हर सहायता पहुंचाने की कोशिश जारी हो गई है धामी ने कहा कि अभी हमारा प्रयास केवल लोगों को बचाना है और हम बचा रहे हैं जितने लोगों को बचा सकते हैं उसके बाद पूरी स्थिति का जायजा भी लिया जा रहा है और जल्दी से जल्दी लोगों के जीवन की रक्षा के लिए प्रयास किया जा रहे हैं उन्होंने इस घटना को बहुत ही दुखद बताया उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उत्तराखंड की इस घटना पर दुख जताते हुए शोक प्रकट किया और इससे चपेट में आए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की पूरा उत्तराखंड प्रशासन केंद्र के संपर्क में है और हर सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.

घटना की जानकारी मिलते ही जिला उत्तरकाशी डीएम प्रशांत आर्य और पुलिस अधीक्षक श्रीमती सरिता डोबाल मौके पर पहुंच गये है। बताया जा रहा है कि विनाशकारी बाढ़ से 20 से 25 होटल व होमस्टे तबाह हो गए हैं। अभी जिस प्रकार की आरंभिक सूचनाओं आ रही है उससे कई मजदूर की दबे होने की आशंका बताई जा रही है हालांकि प्रशासन दावा कर रहा है कि उन्होंने 15-20 लोगों को बचा भी लिया है फिर भी कई मजदूर और स्थानीय लोगों की दबे होने की आशंका है इसमें कितनों को बचाया जा सकता है पूरा प्रयास किया जा रहा है प्रशासन पूरी घटना पर नजर रख रहा है इस दुखद घटना से पूरा क्षेत्र और पूरे इलाके में और सभी में एक शोक की लहर दौड़ गई है और जो कोई इस खबर के बारे में सुन रहा है तो भगवान की प्रकोप पर भी हैरान है कि किस प्रकार बार-बार उत्तराखंड में जो यह सैलाब आ रहा है बादल फट रहे हैं उसे कितनी जान माल की हानि हो रही है इस समय माना जाए तो सबसे बड़ी घटना यह बादल फटने की मानी जा रही है जिससे उत्तराखंड के गांव को नुकसान पहुंचा लोगों और जान माल की हानि उठानी पड़ी

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