मुंबई गणेशोत्सव 2025 : हर गली-मोहल्ले में गूंजे “गणपति बप्पा मोरया”
सुनीता नौटियाल
मुंबई : गणेशोत्सव का आगाज़ होते ही मुंबई की रौनक बढ़ गई है। बुधवार को सुबह से ही शहर की सड़कों पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, हर कोई बप्पा के स्वागत में डूबा नजर आया। सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र इस बार भी लालबागचा राजा ही बना। करीब 50 फुट ऊँची प्रतिमा को शानदार रोशनी और भव्य सजावट के साथ मंडप में स्थापित किया गया है। दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगीं, कहीं 10 घंटे का इंतज़ार है तो कहीं नवसाची लाइन में 25 घंटे तक भक्त धैर्यपूर्वक खड़े दिखाई दिए।
उत्सव को लेकर मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने व्यापक इंतज़ाम किए हैं। शहर में 288 कृत्रिम तालाब बनाए गए हैं ताकि विसर्जन पर्यावरण-अनुकूल तरीके से हो सके। ट्रैफिक पुलिस ने भीड़भाड़ को देखते हुए कई मार्गों पर वैकल्पिक रूट घोषित किए हैं। पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में विशेष तौर पर निगरानी रखी जा रही है। वहीं BEST ने अतिरिक्त बस सेवाएँ चलाईं और बिजली विभाग ने मंडपों के आसपास चौकसी बढ़ाई।
त्योहार का रंग केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक मेलजोल का भी प्रतीक है। इस बार महाराष्ट्र सरकार ने गणेशोत्सव को राज्य महोत्सव घोषित किया है और इसके लिए विशेष पोर्टल भी लॉन्च किया है। यही कारण है कि हर मंडप में सिर्फ पूजा ही नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश भी दिया जा रहा है—कहीं प्लास्टिक मुक्त मुंबई की अपील है तो कहीं जल संरक्षण का संदेश।
बॉलीवुड और खेल जगत की हस्तियाँ भी इस उत्सव में बप्पा के चरणों में नज़र आईं। अभिनेत्री नुसरत भरुचा ने लालबागचा राजा के दर्शन किए और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर के बेटे अरुण और बेटी सारा ने घर पर बप्पा का स्वागत किया। अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनिता ने संयुक्त रूप से मीडिया के सामने दर्शन कर अपने रिश्तों पर चल रही अफवाहों पर विराम लगाया।
राजनीति भी इस बार गणेशोत्सव के रंग में रंगी दिखाई दी। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे के घर जाकर बप्पा का दर्शन किया। यह मुलाकात बीएमसी चुनाव से पहले राजनीति में नए संकेत देती हुई दिखी।
गणेशोत्सव 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर को आनंत चतुर्दशी पर सम्पन्न होगा। अगले दस दिन शहर के हर कोने में भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। ढोल-ताशों की गूंज, सजावटी पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भक्ति गीतों से मुंबई की हर गली गूंजेगी।
गणपति बप्पा के स्वागत में मुंबई एक बार फिर सजीव हो उठी है। कहीं छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में मोदक की थाली है, तो कहीं बुज़ुर्ग भक्त मंडपों में आरती में लीन हैं। एक तरफ़ श्रद्धा, दूसरी ओर उल्लास—गणेशोत्सव ने शहर को एक सूत्र में बांध दिया है।

