पंचकूला, 29 अगस्त। नगर निगम पंचकूला द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने का कार्य किसी प्राइवेट एजेंसी को सौंपने की प्रस्तावित योजना को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में नाराजगी जताई जा रही है। जननायक जनता पार्टी (जजपा) जिला अध्यक्ष ओ. पी. सिहाग ने इस कदम को शहर की शांति और पारदर्शिता के लिए बेहद खतरनाक करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना अगर लागू हुई तो इससे न केवल गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा बल्कि अतिक्रमण की समस्या और भी गहरी हो जाएगी।
सिहाग ने कहा कि नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और पुलिस विभाग के अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी से भागने के बजाय खुद ईमानदारी से कार्रवाई करनी चाहिए। “अगर संबंधित विभाग दृढ़ नीयत और ईमानदारी से काम करें तो शहर को अतिक्रमण और अवैध कब्जों से आसानी से मुक्त कराया जा सकता है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आशंका जताई कि इस योजना से सारी ताकत निजी एजेंसियों और उनके पीछे खड़े माफिया टाइप लोगों के हाथ में चली जाएगी। इसका नतीजा होगा कि हर रोज शहर में लड़ाई-झगड़े होंगे और माहौल बिगड़ेगा। सिहाग ने कहा कि पंचकूला की पहचान एक शांतिप्रिय शहर की रही है, लेकिन यह योजना शहर के माहौल को खराब करने का काम करेगी।
इस अवसर पर जजपा नेता के. सी. भारद्वाज ने भी इस प्रस्तावित योजना पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस योजना से सत्ता के करीबी लोगों को अपने चहेते लोगों को फिट करने का मौका मिलेगा और कमाई का एक नया जरिया भी खुलेगा। भारद्वाज ने कहा कि जनता पहले भी ऐसे हालात देख चुकी है, जब सफाई से संबंधित ठेकेदार ने सत्ताधारी नेताओं की छत्रछाया में नगर निगम के करोड़ों रुपये डकार लिए थे और बिना काम किए ही भुगतान ले लिया था। इस मामले की जांच फिलहाल विजिलेंस विभाग कर रहा है।
जजपा के वरिष्ठ नेता सुरिंदर चड्डा ने भी इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अतिक्रमणकारियों और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले विभागीय अधिकारियों ने या तो अपने घुटने टेक दिए हैं या फिर उन्हीं से मिलकर दूसरा खेल खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी अगर दृढ़ संकल्प और ईमानदारी से काम करें तो निजी एजेंसियों की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
सिहाग ने साफ कहा कि नगर निगम का यह कदम जनता के हित में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जजपा इस मामले को लेकर चुप नहीं बैठेगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा कि पंचकूला की जनता पहले भी ठेकेदारी और भ्रष्टाचार के खेल से परेशान हो चुकी है और अब यह शहर किसी भी नए प्रयोग का बोझ नहीं झेल सकता।
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि इस योजना को तुरंत रद्द किया जाए और खुद जिम्मेदारी निभाते हुए अतिक्रमण के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। सिहाग ने कहा कि जब तक अधिकारी सख्त नीयत और दृढ़ इरादे से काम नहीं करेंगे, तब तक अवैध कब्जों पर अंकुश लगाना संभव नहीं होगा।
जजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी जनता के साथ खड़ी है और शहर को गुंडागर्दी व भ्रष्टाचार की गिरफ्त में जाने से बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि पंचकूला की जनता को एक सुरक्षित और शांत वातावरण चाहिए, न कि अराजकता और माफियागर्दी का बोलबाला।

