* महाराष्ट्र दौरे में किसानों को दिलाया राहत का भरोसा – बोले, सबका मालिक एक और सबका कल्याण हमारा संकल्प
सुनीता शर्मा
मुंबई :महाराष्ट्र के पवित्र नगर शिर्डी में रविवार 5 अक्टूबर को साईं बाबा के दरबार में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला जब देश के गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह स्वयं साईं समाधि के सामने नतमस्तक हुए और बाबा से देश की शांति, समृद्धि और सबके कल्याण की प्रार्थना की। सुबह-सुबह उन्होंने शिर्डी के प्रसिद्ध साईं मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन किया और मंदिर के पुजारियों से आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में उनके साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, अजित पवार और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अमित शाह के आगमन से पहले मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी और भक्तों में उन्हें देखने की उत्सुकता स्पष्ट झलक रही थी। दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि साईं बाबा ने हमें जो संदेश दिया — “सबका मालिक एक” — वही इस देश की एकता, प्रेम और सौहार्द का मूल मंत्र है और जब तक भारत उस वचन पर टिका रहेगा तब तक यह देश हर संकट को पार कर लेगा।
साईं दर्शन के बाद अमित शाह ने शिर्डी से कुछ दूरी पर स्थित अहमदनगर (अब अहिल्यानगर) जिले में कई विकास कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। उन्होंने सबसे पहले पद्मभूषण डॉ. विठ्ठलराव विखे पाटिल सहकारी चीनी मिल की नई विस्तारित इकाई का उद्घाटन किया और सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि महाराष्ट्र का सहकारी आंदोलन देश की रीढ़ है। इसी क्रम में उन्होंने पद्मश्री डॉ. विखे पाटिल और पद्मभूषण बालासाहेब विखे पाटिल की आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण किया और कहा कि इन विभूतियों ने ग्रामीण विकास और शिक्षा के क्षेत्र में जो काम किया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा। शाह ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सहकारिता को नई दिशा दी जा रही है, जहाँ “सहकार से समृद्धि” का लक्ष्य सिर्फ नारा नहीं बल्कि कार्य का मंत्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अब हर जिले में बहु-उद्देशीय सहकारी समितियों को मज़बूत कर रही है ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
दौरे का सबसे बड़ा केंद्र किसानों की समस्या और राहत से जुड़ा रहा। अमित शाह ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित इलाकों के किसानों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हर संभव सहायता देगी। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में इस बार लगभग 60 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान हुआ है और केंद्र सरकार पहले ही तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्य को दे चुकी है। राज्य सरकार ने भी दो हजार से अधिक करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया है जिससे लाखों किसानों को सीधे लाभ पहुंचा है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रभावित किसान को सहायता मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हर पात्र परिवार को दस हजार रुपये की त्वरित सहायता और 35 किलो अनाज दिया जाएगा, साथ ही फसल ऋणों की वसूली पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर एक संयुक्त टीम बना रही हैं जो हर जिले का सर्वेक्षण करेगी ताकि कोई भी किसान राहत से वंचित न रहे।
अपने संबोधन में अमित शाह ने सहकारी चीनी मिलों से आग्रह किया कि वे इथेनॉल उत्पादन पर अधिक ध्यान दें, जिससे किसानों की आय बढ़े और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम पेट्रोल और डीज़ल के विकल्प के रूप में इथेनॉल को प्रमुख ऊर्जा स्रोत बनाएं। भारत में यह क्षेत्र तेज़ी से बढ़ रहा है और महाराष्ट्र इसमें अग्रणी है। उन्होंने केंद्र की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि नई नीति के तहत सहकारी मिलों को इथेनॉल संयंत्र लगाने के लिए विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी ताकि वे फसलों के बचे अंश, मक्का और चावल से भी इथेनॉल उत्पादन कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि जब किसान अपने गन्ने और उपज का बेहतर उपयोग कर पाएंगे तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था स्वतः सशक्त होगी।
अमित शाह ने अपने भाषण में महाराष्ट्र की जनता की सराहना करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज की वीरभूमि ने हमेशा भारत को नेतृत्व दिया है। उन्होंने भावनात्मक स्वर में कहा कि अगर इतिहास में उस काल में शिवभक्तों का शासन रहा होता तो औरंगाबाद का नाम बहुत पहले ही “संभाजीनगर” और अहमदनगर का नाम “अहिल्यानगर” रखा गया होता। उन्होंने कहा कि यह भूमि त्याग, शौर्य और संस्कृति का प्रतीक है और अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह अपने गौरव को पुनः प्राप्त कर रही है। उन्होंने किसानों और युवाओं से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि भारत 2047 से पहले ही विश्वगुरु के स्थान पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि अगर हर नागरिक संकल्प ले कि वह देश में बनी चीज़ों का उपयोग करेगा तो भारत को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
शिर्डी में दर्शन के बाद अमित शाह ने मुख्यमंत्री फडणवीस, उपमुख्यमंत्री शिंदे और अजित पवार के साथ लगभग पैंतालीस मिनट की बंद कमरे की बैठक की। इस बैठक में बारिश और बाढ़ से प्रभावित जिलों की स्थिति, राहत कार्यों की प्रगति और आगामी चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हुई। शाह ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत वितरण में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि किसी गरीब को सहायता पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, बल्कि व्यवस्था स्वयं उनके दरवाजे तक पहुंचे। बैठक के बाद उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं से भी संवाद किया और कहा कि भाजपा और उसकी सहयोगी सरकार जनता के भरोसे पर खरी उतरेगी।
दौरे के दौरान अमित शाह के चेहरे पर गहरी श्रद्धा और आत्मीयता झलक रही थी। साईं मंदिर में दर्शन के क्षणों में वे पूर्णतया भाव-विभोर नज़र आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि साईं बाबा की कृपा ही है कि भारत आज विकास और एकता की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने साईं संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि सबका मालिक एक, और जब सबका मालिक एक है तो देश में कोई विभाजन या भेदभाव नहीं रह सकता। उनके इन शब्दों पर मंदिर में उपस्थित भक्तों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
अमित शाह का यह दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि आस्था, विकास और जनसंपर्क का अद्भुत संगम साबित हुआ। उन्होंने अपने व्यवहार से यह संदेश दिया कि जब नेता जनता से जुड़ा होता है और उसकी पीड़ा को समझता है तो राजनीति सेवा में बदल जाती है। शिर्डी में उनके दर्शन और किसानों के प्रति उनके वक्तव्यों ने लोगों में नई उम्मीद जगाई है। महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक इस दौरे को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। लोग कह रहे हैं कि साईं बाबा के दर से जो संदेश निकला है, वह पूरे देश में करुणा और सहयोग का प्रकाश फैलाएगा।

