रोमी सिंह
पंचकूला 20 नवंबर
पंचकूला के प्राचीन शिव मंदिर, सेक्टर-9 में आयोजित जिला चाइल्ड वेलफेयर (DCW) बाल दिवस समारोह इस बार सतलुज पब्लिक स्कूल की अद्भुत जीत के नाम रहा।
सांस्कृतिक, रचनात्मक और साहित्यिक सभी वर्गों में छात्रों के बहुमुखी प्रदर्शन के दम पर स्कूल ने कुल 68 पुरस्कार जीतकर जिला स्तर पर सर्वोच्च स्थान हासिल किया और रनर्स-अप ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमाकर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा, अनुशासन और मार्गदर्शन का मेल जब सही होता है तो परिणाम अविश्वसनीय होते हैं। समारोह में पंचकूला के कई प्रतिष्ठित स्कूलों ने भाग लिया, जहां मंच पर बच्चों की कला, संगीत, नृत्य और साहित्यिक अभिव्यक्तियों का अनोखा संगम देखने को मिला। मुख्य अतिथि ADC पंचकूला, सुश्री निशा यादव ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को नई ऊंचाई देते हैं। सतलुज पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने समूह नृत्य में अपनी प्रस्तुति की ऊर्जा और तालमेल से सभी का मन मोह लिया, जिसके कारण जूनियर और सीनियर दोनों श्रेणियों में प्रथम स्थान मिला। सोलो प्रस्तुतियों में भी स्कूल ने शानदार प्रदर्शन किया, जहां जपलीन कौर, तनिश, हरजोत कौर और श्रेया चौधरी ने अपने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। देशभक्ति गीत प्रतियोगिता में भी स्कूल ने अपना जलवा दिखाया और जूनियर व सीनियर दोनों वर्गों में प्रथम व द्वितीय पुरस्कार अपने नाम किए।
रचनात्मक वर्गों में बच्चों की कल्पनाशक्ति साफ झलक रही थी। स्केचिंग, कार्ड मेकिंग, क्ले मॉडलिंग, दीया सजावट, पोस्टर निर्माण, थाली/कलश सजावट और रंगोली में सतलुजियन्स ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि निर्णायक भी प्रभावित हुए। नाट्य वर्ग में पीहू अग्रवाल ने ‘बेस्ट ड्रामेबाज़’ में दूसरा स्थान पाकर अपने अभिनय कौशल से सबका दिल जीत लिया। साहित्यिक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं में डिक्लेमेशन और क्विज के माध्यम से छात्रों ने अपनी वाक्-कौशल और ज्ञान का बेहतरीन उपयोग कर कई पुरस्कार जीते, जिससे कुल उपलब्धियों की संख्या 68 पर पहुंच गई, जो सभी स्कूलों में सबसे अधिक रही और सतलुज को district level पर शीर्ष स्थान दिलाया।
इस जीत ने न केवल छात्रों की मेहनत को प्रमाणित किया बल्कि यह भी दर्शाया कि सतलुज पब्लिक स्कूल की अकादमिक व को-कैरिकुलर शिक्षा दोनों में उत्कृष्टता के प्रति गंभीरता कितनी मजबूत है। यहां प्रतिभा को निखारा भी जाता है और अवसर भी दिए जाते हैं। सतलुज की यह उपलब्धि शिक्षकों के समर्पण, माता-पिता के सहयोग और छात्रों के जुनून का सामूहिक परिणाम है।
स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री रीक्रित सेरई ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि सतलुज सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि उत्कृष्टता का आंदोलन है, जहां हर छात्र अपनी क्षमताओं के साथ आगे बढ़ता है और नए कीर्तिमान बनाता है। उन्होंने कहा कि 68 पुरस्कार जीतना दर्शाता है कि सतलुजियन्स हर मंच पर अपनी छाप छोड़ने का सामर्थ्य रखते हैं।
स्कूल प्रबंधन ने भी सभी विजेताओं, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि सतलुज पब्लिक स्कूल भविष्य में भी इसी ऊर्जा और उत्कृष्टता के साथ नए मानक स्थापित करता रहेगा और राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में भी शानदार प्रदर्शन करता रहेगा।

