विकास मेले के नींव से जनपद स्थापना दिवस की नाव तक संस्कृति संरक्षण मेले का समापन
रमोला न्यूज़
उत्तरकाशी। विकासखण्ड डुंडा स्थित माँ वेणुका देवी मंदिर परिसर में राजनीतिक मंचन कर मेले की शुरुआत हुई, मेले की शुरुआत कर मेला रेणुका देवी के नाम से शुरू किया गया, उसके बाद मेले को विकास मेले के रूप में जनता के बीच दिखाया गया, एकाएक मेला स्वरूप बदलता गया और अंत में उत्तरकाशी स्थापना दिवस के रूप में छनकर बाहर आया। वही विकास मेला इस बार रिमझिम बारिश के चलते ठण्डा रहा, मेला समापन के अवसर पर देव डोलियों नें एक दूसरी डोली के साथ भेंट कर विदाई ली।
जहाँ पौराणिक मेलों, संस्कृति परम्पराओं और देव स्थानों के साथ समय-समय पर अलग-अलग स्थानों में प्रदेशभर में राजनीति के चलते छेड़खानी की जा रही हो, वहीं पौराणिक मेलों के स्वरूप के साथ बहुत कुछ बदलाव भी दिखते नजर आ रहे हैं, पूर्व के मेला, थौले, एकता, संस्कृति, भाई-चारा, आपसी मेल-जोल और क्षेत्र को जोड़नें का जरिया होते थे, वहीं वर्तमान मेले राजनीति, ठेकेदारी और कमाई का जरिया बन गए हैं।
एक ओर बिगत 7वर्षों से मेला समिति इस मेले को विकास एवं सांस्कृतिक मेले के रूप में करती आ रही है, तो दूसरी ओर विकास मेले के नाम से जनपद स्थापना दिवस के रूप में जनपद वासियों में ग्रामीण मेले को लेकर राजनीति तूल पकड़ती जा रही है। वर्तमान राजनीति गवाह है, नेता समाज में बिगड़े बोल बोलकर, क्षेत्र में फूट डालकर, किसी का अपमान, किसी का नाम कर समाज को तोड़कर ही आगे बढनें का राजनीतिक षड्यंत्र तैयार करते हैं, समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता जागरूक हो रही है, और जनता वोट के समय ही यह सब आंकलन कर सारा गुस्सा चुनाव में निकालती है।
पहली बार 24फरवरी 2018 को शुरू हुए मेले के विशिष्ट अतिथि विजयपाल सजवाण आज मंत्री सुबोध उनियाल के साथ मेला समापन के अवसर पर शामिल हुए, उन्होनें 2027 के चुनाव और विकासखंड डुंडा की जनता को साधते हुए कहा कि आने वाले समय में हम सब मिलकर इस ऐतिहासिक मेले को और भी भव्य और आकर्षक रूप देंगे, ताकि यह हमारी संस्कृति, आस्था और परंपराओं का जीवंत प्रतीक बना रहे।
बेशक पूर्व विधायक विजयपाल सजवान नें उत्तरकाशी स्थापना दिवस के विकास मेले के समापन में बरसाली, धनारी क्षेत्र और डुंडा विकास खंड को साधकर 2027 के चुनाव को राजनीतिक हवा दे दी हो, लेकिन गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र की जनता इस हवा को कैसे मोड़ेगी यह आनें वाला वक्त ही बता पायेगा।

