रिपोर्ट :कोमल रमोला
चंडीगढ़, 13 जनवरी:
पंजाब लोक भवन में आज सायंकाल लोहड़ी का पर्व पारंपरिक पंजाबी अंदाज़ में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें इस पर्व की सांस्कृतिक विरासत और लोक-जीवन की झलक देखने को मिली।

इस समारोह का आयोजन पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया द्वारा किया गया। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष, पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंदर कल्याण, पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा, श्री हरजोत सिंह बैंस एवं श्री संजीव अरोड़ा, राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक मित्तल एवं सरदार सतनाम सिंह संधू, चंडीगढ़ की महापौर श्रीमती हरप्रीत कौर बबला, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद सहित पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लोहड़ी की शुभकामनाएँ देते हुए राज्यपाल ने इस पर्व के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि ऐसे उत्सव आपसी सौहार्द को बढ़ावा देते हैं, सामाजिक एकता को सुदृढ़ करते हैं तथा हमारी सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित रखने में सहायक होते हैं।
समारोह के दौरान पंजाबी लोकनायक दुल्ला भट्टी (राय अब्दुल्ला ख़ान भट्टी) की वीर गाथा को भी श्रद्धा एवं गौरव के साथ स्मरण किया गया।
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनज़ेडसीसी) द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोहड़ी से जुड़े लोक नृत्य एवं लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। पंजाब लोक भवन के लॉन को पारंपरिक विरासत गांव की तर्ज पर सजाया गया, जिससे उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा।
इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों एवं आमंत्रितों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया। राज्यपाल ने लोहड़ी के पावन अवसर पर पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ के लोगों के लिए शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की शुभकामनाएँ दीं।

