रिपोर्ट : कोमल रमोला
पंचकूला 14 जनवरी
: सतलुज ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स ने अपने स्वर्णिम पचासवें वर्ष में प्रवेश करते हुए एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्टता सिद्ध की है। सीबीएसई डे स्कूल्स की श्रेणी में प्रतिष्ठित रैंकिंग के अनुसार सतलुज को पंचकूला में प्रथम, हरियाणा में प्रथम और पूरे भारत में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि सतलुज की निरंतर गुणवत्ता, अनुशासित संस्थागत विकास और दूरदर्शी शैक्षणिक दृष्टिकोण का प्रमाण है।
पिछले पाँच दशकों से सतलुज शिक्षा के मूल उद्देश्य से जुड़ा रहा है मजबूत शैक्षणिक आधार, मूल्य आधारित शिक्षा, आधुनिक एवं प्रगतिशील शिक्षण पद्धतियाँ, शिक्षकों का सशक्तिकरण तथा विद्यार्थियों को तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश के लिए तैयार करना। यह सम्मान किसी क्षणिक सफलता का नहीं, बल्कि निरंतर प्रयासों और स्थायी परिणामों का प्रतिफल है।
इस उपलब्धि के साथ ही सतलुज के दूरदर्शी प्रबंध निदेशक श्री रीक्रित सेराई को राष्ट्रीय स्तर पर “शिक्षा क्षेत्र के अग्रणी व्यक्तित्व वर्ष 2025” के सम्मान से नवाज़ा गया। यह सम्मान बेंगलुरु में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया, जो शिक्षा के क्षेत्र में उनके नेतृत्व, नवाचार और सतलुज को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के योगदान को मान्यता देता है।
सतलुज की स्थापना स्वर्गीय सरदार प्रीतम सिंह सेराई द्वारा की गई थी, जिसे समर्पण और दूरदृष्टि के साथ डॉ. कृत सेराई ने आगे बढ़ाया। आज यह गौरवशाली विरासत श्री रीक्रित सेराई के नेतृत्व में अपने स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुकी है। तीन पीढ़ियों की यह नेतृत्व परंपरा सतलुज की शैक्षणिक और संस्थागत यात्रा की आधारशिला बनी हुई है।
प्रबंध निदेशक मैं अपने संदेश में कहा कि
“स्थायी और मजबूत संस्थान स्पष्ट दृष्टि, नेतृत्व की निरंतरता और अनुशासित कार्यप्रणाली से निर्मित होते हैं। सतलुज में हम उद्देश्य के साथ दिशा तय करते हैं, शिक्षण अधिगम व्यवस्था को सुदृढ़ बनाते हैं और रुझानों से अधिक परिणामों के प्रति उत्तरदायी रहते हैं। सतलुज के पचास वर्ष पूर्ण होने पर यह सम्मान हमारे विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और समस्त टीम का है, जो उद्देश्य और विश्वास के साथ उत्कृष्टता को बनाए हुए हैं।”
पचास वर्षों की गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा के साथ सतलुज ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स आज भी राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

