रिपोर्ट : सुमेश कुमार
चंडीगढ़, 21 जनवरी:
उत्तर प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव- इन छह राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य स्थापना दिवस समारोह आज पंजाब लोक भवन, चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किए गए।
इस अवसर पर मेघालय के राज्यपाल श्री चंद्रशेखर एच. विजयशंकर का एक वीडियो संदेश प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद मेघालय की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत पर आधारित एक वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में भारत की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाते हुए एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें पुंग चोलम नृत्य (मणिपुर), खासी नृत्य (मेघालय), मामीता नृत्य (त्रिपुरा), फिशरमैन डांस (दादरा एवं नगर हवेली), रासलीला एवं कजरी नृत्य (उत्तर प्रदेश), थांग-ता (मणिपुर) तथा मछली नृत्य (दमन एवं दीव) शामिल रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने सहभागी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि ऐसे आयोजन भारत की “एकता में विविधता” की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं तथा “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करते हैं।
राज्यपाल ने मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास, विशेषकर खेलों में उनकी बढ़ती उपलब्धियों, पर प्रकाश डाला। उन्होंने उत्तर प्रदेश को भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की भूमि बताते हुए उसकी आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति भारत की एकता में विविधता को दर्शाती है तथा मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को सभी के लिए एक सुरक्षित और अनुशासित राज्य बनाने के प्रयासों की प्रशंसा की।
राज्यपाल ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मंगल पांडे, जिन्होंने 1857 में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का सूत्रपात किया, तथा राम प्रसाद बिस्मिल के योगदान को स्मरण किया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान, विशेषकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से राम प्रसाद बिस्मिल के जुड़ाव का भी उल्लेख किया। राज्यपाल ने मेघालय की पर्यावरणीय चेतना तथा दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव की पर्यटन क्षमता एवं विकास पहलों की भी सराहना की। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश से संसद सदस्य डॉ. राजकुमार सांगवान ने सभा को संबोधित करते हुए नागरिकों को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और उत्तर प्रदेश को संतों, कवियों, परंपरा और संस्कृति की भूमि बताया। उन्होंने राज्य के प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक ऐतिहासिक विकास पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए जनसहयोग एवं केंद्र सरकार के समर्थन से हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख किया।
राज्यपाल ने समारोह में सहभागिता के लिए उत्तर प्रदेश से संसद सदस्य, डॉ. राजकुमार सांगवान तथा पंजाब के पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी विकास मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियां का विशेष रूप से धन्यवाद किया और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न राज्यों में अपने प्रतिनिधि भेजने की उत्तर प्रदेश सरकार की पहल की भी सराहना की, जिससे अंतर-राज्यीय सांस्कृतिक संबंधों एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलती है।
इस अवसर पर चंडीगढ़ की महापौर सुश्री हरप्रीत कौर बबला; भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री सत्य पाल जैन; चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री एच. राजेश प्रसाद; पंजाब के राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री वी.पी. सिंह; चंडीगढ़ के गृह सचिव श्री मंदीप सिंह बराड़; चंडीगढ़ के वित्त सचिव श्री दिप्रवा लकड़ा; तथा चंडीगढ़ के नगर आयुक्त श्री अमित कुमार भी उपस्थित थे।

