केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली नई दिशा: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

 

प्रीति कंबोज

चंडीगढ़, 1 फरवरी — केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट 2026–27 का हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए की गई घोषणाएं हरियाणा में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करेंगी और आम जनता को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स (AHPs) के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड करने और सार्वजनिक व निजी क्षेत्र में नए संस्थान स्थापित करने का निर्णय समय की मांग है। इस पहल के तहत ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ सहित 10 चयनित विषयों को कवर किया जाएगा। अगले पांच वर्षों में इससे लगभग एक लाख नए एएचपी तैयार होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

आरती सिंह राव ने बजट में प्रस्तावित मजबूत केयरगिविंग इकोसिस्टम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जेरियाट्रिक केयर और एलाइड केयर सेवाओं को ध्यान में रखते हुए एनएसक्यूएफ से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। स्वास्थ्य, योग और मेडिकल व सहायक उपकरणों के संचालन जैसी क्षमताओं को जोड़ते हुए आने वाले वर्षों में 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाना एक दूरदर्शी कदम है।

मेडिकल वैल्यू टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल सेंटर्स की स्थापना के प्रस्ताव को उन्होंने ऐतिहासिक बताया। निजी क्षेत्र की भागीदारी से बनने वाले ये केंद्र चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं के साथ एकीकृत स्वास्थ्य परिसरों के रूप में विकसित होंगे। इनमें आयुष केंद्र, डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन के लिए मेडिकल वैल्यू टूरिज्म फैसिलिटेशन सेंटर्स भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इससे डॉक्टरों, एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और शोधकर्ताओं के लिए व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

आयुष को लेकर किए गए प्रावधानों पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि योग और आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर मिली पहचान भारत की सांस्कृतिक विरासत की शक्ति को दर्शाती है। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स के उन्नयन तथा पारंपरिक चिकित्सा पर प्रमाण-आधारित शोध को बढ़ावा देने से औषधीय पौधों की खेती करने वाले किसानों और इससे जुड़े युवाओं को लाभ होगा। उन्होंने जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन के उन्नयन के प्रस्ताव का भी स्वागत किया।

मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर के क्षेत्र में बजट को एक बड़ा कदम बताते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि उत्तर भारत में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान की कमी को दूर करने के लिए निमहांस-2 की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही रांची और तेजपुर स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय एपेक्स संस्थान के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। जिला अस्पतालों के 50 प्रतिशत हिस्से में आपातकालीन और ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने का निर्णय भी आमजन के लिए राहतकारी होगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर रोगियों को राहत देने के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट और सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए प्रयुक्त दवा एवं अन्य सामान पर आयात शुल्क में छूट के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

बायोफार्मा शक्ति योजना को भविष्य की जरूरत बताते हुए आरती सिंह राव ने कहा कि गैर-संचारी रोगों जैसे डायबिटीज, कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में बायोलॉजिक्स की अहम भूमिका है। ₹10,000 करोड़ के परिव्यय वाली इस योजना से भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में मदद मिलेगी। इसके तहत तीन नए एनआईपीईआर, सात मौजूदा संस्थानों का उन्नयन, 1,000 से अधिक क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क और सीडीएससीओ को मजबूत किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 एक मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और हरियाणा सरकार इन पहलों का पूर्ण लाभ उठाकर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *