: पुरातात्विक स्थल घोषित किए जाने से दुनिया के मानचित्र पर छाएगा राखीगढ़ी
प्रीति कंबोज
चंडीगढ़, 1 फरवरी। सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विरासत संजोने के संकल्प को धरातल पर लाने की दिशा में देश में 15 पुरातात्विक स्थलों में राखीगढ़ी को शामिल करने की आम बजट में घोषणा होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि राखीगढ़ी में सिंधु–सरस्वती सभ्यता को जीवंत रूप देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक महानगर राखीगढ़ी के टीलों पर होने वाले व्यापक उत्खनन से इस प्राचीन सभ्यता से जुड़े कई पुष्ट और वैज्ञानिक तथ्य सामने आएंगे, जिससे भारत के गौरवशाली अतीत को नई पहचान मिलेगी।
रविवार को केंद्रीय आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी विश्व की सबसे प्राचीन और विकसित सभ्यताओं में से एक का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। आम बजट में राखीगढ़ी को देश की 15 पुरातात्विक स्थलों में शामिल किए जाने से इसके विकास को गति मिलने जा रही है। यहां नियोजित उत्खनन और शोध कार्यों से न केवल इतिहास के कई अनछुए पहलू उजागर होंगे, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राखीगढ़ी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का म्यूजियम स्थापित करने समेत विभिन्न परियोजनाओं पर 203 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है, जिसमें 78 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इसमें पुरातात्विक स्थल के निकट पर्यटन अवसंरचना का निर्माण, धरोहर स्थल व इसके आसपास बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना, आगंतुकों को समग्र अनुभव प्रदान करने वाला वातावरण बनाना व क्षेत्र के स्थानीय लोगों के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना शामिल है। कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने बताया कि केन्द्र सरकार भारतीय सर्वेक्षण ब्यूरो द्वारा संरक्षित राखीगढ़ी के सभी टीलों के विकास, उत्खनन और गांव के विकास पर 500 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है। इस परियोजना के तहत राखीगढ़ी में ऐतिहासिक टीलों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें, आधुनिक सीवरेज प्रबंधन, पर्यटकों की सुविधा के लिए रात्रि प्रकाश व्यवस्था, आधारभूत ढांचे का विस्तार तथा पर्यटन से जुड़ी अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल इस ऐतिहासिक स्थल को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल करने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी, वहीं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि राखीगढ़ी को आइकोनिक साइट के रूप में विकसित करना “विकास और विरासत” के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे आने वाली पीढ़ियों को सिंधु–सरस्वती सभ्यता के वैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पक्षों को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।
डॉ. अरविंद शर्मा ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन सभ्यताओं को नई पहचान दिला रहा है। साथ ही उन्होंने आम बजट 2026-27 में इस महत्वपूर्ण प्रावधान को शामिल करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का भी धन्यवाद किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना राखीगढ़ी को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगी और भारत के स्वर्णिम अतीत को सजीव रूप में प्रस्तुत करेगी।

