नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, पूरे देश के लिए मील का पत्थर : आरती सिंह राव 

 

रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़

पंचकुला , 11 अप्रैल – हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” को लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य हो रहा है। इसको लागू करने के लिए आगामी 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है। अधिनियम के प्रति जनजागरूकता लाने के लिए आज 11 अप्रैल से अभियान शुरू किया गया है , यह अभियान 20 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से चलेगा जिसमें महिलाओं व आम जनमानस को अधिनियम की जानकारी देने और उनसे जुड़ाव बढ़ाने की तैयारी की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री आज पंचकुला में इस अभियान की शुरुआत करने के बाद मीडिया से बात कर रही थी।

आरती सिंह राव ने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” की जानकारी एवं इसके लाभ गिनवाते हुए बताया कि इस अधिनियम से महिला सशक्तिकरण को और अधिक बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन है, जिसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह अधिनियम केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे महिलाओं को नीति निर्माण में अधिक भागीदारी का अवसर मिलेगा और लोकतंत्र और मजबूत होगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि देश में महिलाओं की मतदान में भागीदारी लगातार बढ़ रही है और कई स्थानों पर यह पुरुषों से भी अधिक है। इसके बावजूद संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व अपेक्षाकृत कम है, जिसे यह अधिनियम संतुलित करेगा।

उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलता है, तो शासन अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनता है। पंचायतों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इसका उदाहरण है, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पानी जैसे मुद्दों पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं।

आरती सिंह राव ने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र सरकार की योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और जन-धन योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को सशक्त बनाया है।

उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के साथ-साथ महिलाओं को अब राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में भी आगे बढ़ाना आवश्यक है। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” इसी दिशा में एक ठोस कदम है।

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और महिलाओं के सशक्तिकरण के इस ऐतिहासिक अवसर को सफल बनाने में योगदान दें।

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