रोमी सिंह/ रमोला न्यूज़
पंचकूला: अखिल भारतीय अग्रवाल मैत्री की एक महत्वपूर्ण बैठक चंडीगढ़ में संपन्न हुई, जिसमें आगामी 12 मई को आयोजित होने वाले महाराज अग्रसेन जी के दूसरे स्थापना दिवस की रणनीतियां तय की गई। बैठक में संस्था के संस्थापक असीम गोयल और हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के संयोजक डॉ. प्रदीप गोयल, जगमोहन गर्ग, प्रदीप बंसल और आनंद अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बड़ा बयान देते हुए कहा कि, “इस बार का स्थापना दिवस चंडीगढ़ की धरती पर एक नया इतिहास रचेगा। बैठक में ट्राइसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली) की 100 से अधिक अग्रवाल संस्थाओं के पदाधिकारियों ने न केवल हिस्सा लिया, बल्कि पूर्ण विश्वास दिलाया है कि व्यवस्था, भव्यता और जनशक्ति के मामले में ऐसा कार्यक्रम पहले कभी नहीं देखा गया होगा। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के कोने-कोने से हजारों अग्रबंधु इस महाकुंभ का हिस्सा बनें
संस्था के संस्थापक असीम गोयल ने समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा, “अखिल भारतीय अग्रवाल मैत्री का लक्ष्य देश भर के अग्रबंधुओं को एक सूत्र में पिरोना है। दिल्ली में आयोजित पहले स्थापना दिवस की सफलता के बाद, चंडीगढ़ का यह दूसरा आयोजन अग्रवाल समाज की शक्ति और संकल्प का बड़ा केंद्र बनेगा। 12 मई का यह उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी एकजुटता का वह प्रमाण होगा जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।”
हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा, “महाराज अग्रसेन जी के ‘एक रुपया और एक ईंट’ के सिद्धांत को जन-जन तक पहुँचाना हमारा मुख्य ध्येय है। अखिल भारतीय अग्रवाल मैत्री उसी सेवा भाव के साथ आगे बढ़ रही है। चंडीगढ़ में होने वाला यह समागम राष्ट्र निर्माण में अग्रवाल समाज की भूमिका को और सुदृढ़ करेगा। मुझे गर्व है कि समाज के सभी संगठन एक झंडे के नीचे आकर इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए संकल्पित हैं।”
बैठक के अंत में आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन कर दिया गया है और तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो चुकी हैं। 22 मई को दिल्ली में हुए पहले स्थापना दिवस की तर्ज पर इस बार चंडीगढ़ में इसे और भी बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।
