*प्रस्तुति : चन्द्र शेखर धरणी*
*वरिष्ठ/स्वतंत्र पत्रकार*
*तीन दिन लगातार चंडीगढ़ परिक्रमा*
हरियाणा के ऊर्जा,परिवहन व श्रम मंत्री दोनों पैरों के पलस्तर खुलने के बाद वाकर के सहारे लगातार तीन दिन चंडीगढ आवागमन करते रहे।पहले दिन केबिनेट,दूसरे दिन सी एम के साथ मीटिंग व तीसरे दिन बिजली विभाग की मीटिंग ली।डॉक्टर्स ने अभी उन्हें थोड़ा चलने की अनुमति दी है।जिससे कि पैरों पर सोज न बढ़े।मगर विज तो अनिल विज हैं।कहां रुकने वाले हैं।पैरों से पलस्तर उतरने की आजादी धूम धाम से मना रहे हैं।विज की जबरदस्त विल पावर ही उनकी ताकत है और मिलना जुलना असली ताकत।घर मजबूरी थी कि दोनों पैरों पर पलस्तर थे,बैठना पड़ा,बैठना कहां इनकी फितरत है।
*भाजपा सरकार में कांग्रेसियों के बेटे भी लग रहे हैं बड़े अधिकारी: सुनील सांगवान*
मुख्यमंत्री नायब सैनी की रैली मे स्थानीय विधायक सुनील सांगवान ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में बीजेपी ऐसी पहली सरकार है जहां बिना खर्ची बिना पर्ची के योग्य युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के राजनीतिक इतिहास में सीएम साहब यह पहला अवसर है जहां हमारे पड़ोसी हल्के से चार बार की विधायक हमारी बड़ी बहन कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक के बेटे को बीडीपीओ वहीं दूसरी ओर पांच बार की विधायक बड़ी बहन गीता भुक्कल की बेटी को सहायक प्रोफेसर की नौकरी मिली है। इतने बड़े-बड़े पदों पर बिना किसी राजनीतिक भेदभाव और क्षेत्रवाद चयनित होना यह भाजपा की पारदर्शिता सबका साथ सबका विकास नीति का बड़ा प्रमाण है।
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*गलत करने वालों के पेट में हो रहा दर्द: बडौली*
बडौली ने प्रदेश सरकार द्वारा मंडियों मे गेहूं बेचने के लिए बनाई गई नियमावली पर कहा कि हमारी सरकार में ऐसी व्यवस्था की है कि प्रदेश के किसान का एक-एक दाना खरीदा जाए। प्रदेश के किसान को उसका पूरा हक मिले। जो लोग गलत कार्य या हेरा फेरी करते थे। वही लोग चिल्ला रहे हैं और उन्हीं के पेट में दर्द हो रहा है।
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*भाजपा एक अनुशासित पार्टी अन्य दलों की तरह भेड़ों का झुंड नहीं:विज*
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि 1951 में स्थापित जन संघ जो की श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय ने स्थापना की थी। फिर जनता दल से अलग हो 1980 में भाजपा पार्टी अस्तित्व में आई जो कि आज विश्व का सबसे बड़ा दल है। उन्होंने कहा कि अन्य राजनीतिक पार्टियों की तरह भाजपा भेड़ों का झुंड नही है। बल्कि है एक अनुशासित राजनीतिक पार्टी है। जिसमें राष्ट्र प्रथम, पार्टी द्वितीय और व्यक्ति तृतीय स्थान पर रखा जाता है।
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*मनोहर लाल की रखी नींव पर नायब ने बनाया महल*
अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले दादा गौतम ने उनके हल्के सफीदों में रखी गई मुख्यमंत्री की रैली में मुख्यमंत्री के समक्ष हल्के की मांगों को रखते हुए सीएम नायब सैनी की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा मुख्यमंत्री नहीं देखा जो की रात के 2:00 बजे भी आमजन और कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करता है। जिन्होंने सट्टा बाजार को धत्ता बताते हुए हरियाणा में भाजपा की सरकार ही नही मनोहर लाल द्वारा रखी गई नींव पर महल खड़ा कर दिया है।
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चार मंत्रियों की चौकड़ी
केबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के कमरे में बिपुल गोयल,राजेश नागर,गौरव गौतम की लंबी मुलाकात ने सचिवालय के राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया।चारों नेता करीब 52 मिनट तक एकांत में साथ रहे और इस दौरान कमरे के भीतर क्या बातचीत हुई, इसको लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।यह बैठक सिर्फ एक सामान्य शिष्टाचार मुलाकात नहीं मानी जा रही, क्योंकि इसमें शामिल चारों नेता दक्षिण हरियाणा और उससे जुड़े प्रभावशाली राजनीतिक भूगोल में अपनी-अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दक्षिण हरियाणा की राजनीति इस समय कई ध्रुवों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और उनकी राजनीतिक धुरी मानी जाती है, जिसमें कैबिनेट मंत्री आरती राव का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।दूसरी तरफ राव नरबीर सिंह, विपुल गोयल, राजेश नागर और गौरव गौतम जैसे नेताओं की सक्रियता भी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
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भंडारी की कानूनी कार्यवाही की धमकी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी ने कांग्रेस के नेताओं को चेतावनी दी है कि राज्यसभा चुनाव में पच्चीस-पच्चीस करोड़ बांटने के आरोप लगाने वाले नेता साबित करें कि यह पैसा कब और कैसे दिया गया। भंडारी ने कहा कि विधायकों को खरीदने व करोड़ों के आरोप लगाने वालों के विरुद्ध जल्द ही लीगल एक्शन लिया जाएगा उन पर अवमानना का केस करने पर विचार चल रहा है। भंडारी ने कांग्रेस हरियाणा मामलों को लेकर गठित अनुशासन समिति पर सवाल उठा दिए हैं, उन्होंने कहा कि खुद चेयरमैन जहां हरियाणा जनहित कांग्रेस में रह चुके हैं वहीं बाकी के बारे में हरियाणा प्रदेश के लोग जानते हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अनिल धंतौड़ी, कैलाशो सैनी का नाम लेकर कहा कि यह तो खुद अनुशासन में नहीं रहे और दूसरी पार्टियों में चले गए थे। पिछले राज्यसभा चुनावों के बारे में भी नेता विपक्ष औऱ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा साफ करें कि पहले गलती करने वालों के विरुद्ध क्या एक्शन लिया गया।वैसे कांग्रेस का आंतरिक मामला है लेकिन अगर यह गुनाह है, तो पहले भी हरियाणा में स्याही कांड हो चुका है, 15 वोटों का उस वक्त खेल हुआ था जो पूरे देश में मशहूर है। अब राज्यसभा के सांसद कार्तिकेय शर्मा के चुनाव के दौरान भी वोट रिजेक्ट हुए थे, तो तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई, शाम को तीन बजे तक तो कोई भी वोट खराब नहीं होने के दावे किए जा रहे थे।
