पंचकूला , 24 मार्च : राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने आज राज्यसभा में विनियोजन विधेयक 2026–27 पर चर्चा के दौरान इसका प्रबल समर्थन करते हुए कहा कि यह विधेयक सरकार की राष्ट्र निर्माण, समावेशी विकास और जवाबदेह शासन की स्पष्ट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतिबिंब है।
चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि विनियोजन विधेयक केवल एक वित्तीय औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह वह महत्वपूर्ण संवैधानिक व्यवस्था है जिसके माध्यम से संसद सरकार को जनहितकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यय की स्वीकृति प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026–27 के लिए कुल व्यय ₹53,47,315 करोड़ अनुमानित है, जिसमें ₹12,21,821 करोड़ पूंजीगत व्यय तथा ₹17,14,523 करोड़ प्रभावी पूंजीगत व्यय शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि GDP के 4.3% का अनुमानित राजकोषीय घाटा तथा 55.6% का ऋण-से-GDP अनुपात विकास के साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
श्रीमती रेखा शर्मा ने कहा कि यह विधेयक एक आत्मविश्वासी और सशक्त नए भारत की प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करता है, जिसमें बुनियादी ढांचे का विस्तार, रक्षा क्षमता का सुदृढ़ीकरण, किसानों, महिलाओं और युवाओं का सशक्तिकरण, डिजिटल एवं भौतिक कनेक्टिविटी का विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम छोर तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकारी व्यय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणाम आधारित दृष्टिकोण को नई मजबूती मिली है, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी खर्च सीधे नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि विनियोजन विधेयक का पारित होना सार्वजनिक व्यय के संबंध में संसद की संवैधानिक सर्वोच्चता को सुदृढ़ करता है तथा लोकतांत्रिक जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाता है।
अपने समर्थन को दोहराते हुए श्रीमती रेखा शर्मा ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से स्वीकृत प्रत्येक रुपया बुनियादी ढांचे के विकास, सामाजिक सशक्तिकरण, आर्थिक प्रगति तथा विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।इन विचारों के साथ उन्होंने राज्यसभा में विनियोजन विधेयक 2026–27 का पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
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