नौगांव: उतरकाशी जनपद के रवांई क्षेत्र को पृथक जनपद बनाने को लेकर रवांई पृथक संघर्ष समिती कै बैनर तले आज नौगांव में बैठक आयोजित की गई। जिसमें मोरी, पुरोला तथा नौगांव व बड़कोट के सामाजिक लोगों ने एकत्रित होकर पृथक जनपद के लिए आवश्यक रणनिति तय की, बैठक में तय किया गया, इसके बाद पृथक जनपद बनाने के लिए गांव गांव में अभियान चलाया जायेगा। साथ ही अगली बैठक मोरी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
उत्तरकाशी जनपद का अधिकांश हिस्सा जिनमें नौगांव, पुरोला व मोरी ब्लाक शामिल है। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से काफी दूर स्थित है। यहां के निवासियों को जिला न्यायालय, अस्पताल और व्यवसाय जैसे रोजमर्रा के कार्यों के लिए जिला मुख्यालय आना-जाना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी असुविधा होती है। इससे समय और धन दोनों बर्बाद हो रहा।
इन इलाकों के कई गांवों की दूरी जिला मुख्यालय से लगभग 200 किलोमीटर से भी अधिक है, जिससे लोगों को लंबी यात्रा करनी पड़ती है।
यह पहली बार नहीं है जब रवांई को अलग जिला बनाने की मांग की गई है। पूर्व में भी कई संगठनों द्वारा इस क्षेत्र को एक अलग प्रशासनिक जिला घोषित करने की मांग उठाई जा रही है।
बताते चले कि 2011
भौगोलिक परिस्थतियों के चलते
पृथक जनपद की घोषणा हुई ।
बैठक में राज्य मंत्री राजकुमार, संघर्ष समिती के अध्यक्ष बलदेव असवाल , संयोजक प्रकाश डबराल, गंभीर चौहान, महावीर माही, भरत सिंह चौहान, बासुदेव डिमरी, शशीमोहन राणा, गोपाल चौहान, सचिन, महावीर माही, श्वेता राजकुमार,
रोहित रावत, रमेश इन्दवाण, शम्मी बौरियाण, विपीन रमोला, जगवीर, दिपक धिमान, राम लाल, रोहित, गोपाल चौहान, आदि मौजूद थे।

