नगर निगम घोटाले की हो निष्पक्ष जाँच :चंद्रमोहन 

 

दोषियों को गिरफ़्तार करने का सरकार को दिया चार दिन का अल्टीमेटम

पंचकूला । नगर निगम में सामने आए कथित 160 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर आज राजनीतिक हलकों में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन ने एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर इस पूरे मामले पर सरकार और प्रशासन को घेरते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए।

इस पत्रकार वार्ता में विधायक चंद्रमोहन के साथ पूर्व पार्षद सलीम दबकोरी, संदीप सोही, सुधा भारद्वाज, नवीन बंसल,ओम शुक्ला, पूर्व पार्षद प्रेम, पूर्व पार्षद दलबीर , गौतम पार्षद रामप्रशाद, ऊषा रानी सहित कई अन्य पूर्व पार्षद भी मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने नगर निगम के धन को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि सरकारी विभागों के पैसे को प्राइवेट बैंकों में रखकर एफडी में गड़बड़ियां की जा रही हैं, जो बेहद गंभीर मामला है।

विधायक चंद्रमोहन ने कहा कि बीते कुछ समय से लगातार यह देखने को मिल रहा है कि प्राइवेट बैंकों द्वारा सरकारी विभागों के पैसों के साथ छेड़छाड़ और एफडी में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि जनता के टैक्स के पैसे के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले में शामिल दोषियों की तुरंत पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए।

चंद्रमोहन ने यह भी साफ कहा कि सरकारी विभागों की एफडी अब केवल सरकारी बैंकों में ही करवाई जानी चाहिए, न कि प्राइवेट बैंकों में। उनका कहना था कि जब सरकारी धन की सुरक्षा का सवाल हो, तो सरकार को पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ फैसला लेना चाहिए।

वहीं, पूर्व पार्षद सलीम दबकोरी ने भी इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार इस मुद्दे को उठाया है कि आखिर नगर निगम की एफडी अलग-अलग बैंकों में क्यों करवाई जाती है। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम की 56 से ज्यादा एफडी विभिन्न बैंकों में करवाई गई हैं, और इस पूरे मामले को लेकर वे पहले भी कई बार आवाज उठा चुके हैं। उनका कहना था कि अब समय आ गया है कि इस पूरे सिस्टम की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को भी सार्वजनिक किया जाए।

प्रेस वार्ता के दौरान विधायक चंद्रमोहन ने सरकार और प्रशासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि दोषियों को पकड़ने के लिए 1 अप्रैल तक का समय दिया जा रहा है। अगर इस तय समय सीमा तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो वे और उनके समर्थक तथा कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे और जोरदार विरोध दर्ज कराएंगे।

उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति या पार्टी की नहीं, बल्कि पंचकूला की जनता के पैसे की सुरक्षा की लड़ाई है। अगर इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा जनआंदोलन बन सकता है।

उधर, इस कथित 160 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के आयोजन की भी बात सामने आई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि मामले से जुड़े कई अहम तथ्य और दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएंगे। आयोजकों के मुताबिक, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोटाले से जुड़े कई ऐसे पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी, जो अब तक सामने नहीं आए हैं।

सूत्रों की मानें तो इस दौरान ऐसे दस्तावेज़ भी सामने लाए जा सकते हैं, जो इस कथित घोटाले के कई अनछुए और चौंकाने वाले पहलुओं को उजागर कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इन खुलासों के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो सकती है।

फिलहाल, पूरे पंचकूला की नजरें अब इस मामले पर टिकी हुई हैं। जनता यह जानना चाहती है कि आखिर नगर निगम के करोड़ों रुपये की एफडी में कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कौन है, और क्या वाकई इस बार दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला फिर दबा दिया जाएगा। आने वाले कुछ दिन इस पूरे प्रकरण में बेहद अहम माने जा रहे हैं।

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