हरियाणा विधानसभा की तर्ज पर कर्नाटक में भी बने प्रैस एडवाइजरी कमेटी: चंद्र शेखर धरणी*

 

 

*हरियाणा में मीडिया-विधानसभा समन्वय का मजबूत मॉडल: चंद्र शेखर धरणी*

*कर्नाटक में गूंजा हरियाणा मॉडल, धरणी ने गिनाईं मीडिया हितैषी कार्य*

*बेंगलुरु/चेन्नई।* 

कर्नाटक और तमिलनाडु के स्टडी टूर पर पहुंचे हरियाणा विधानसभा प्रैस एडवाइजरी कमेटी (पीएसी) के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर और विधानसभा सचिव के साथ मुलाकात के दौरान हरियाणा विधानसभा में मीडिया और सदन के बीच बेहतर तालमेल की कार्यप्रणाली को विस्तार से साझा किया। इस दौरान उन्होंने कर्नाटक में भी हरियाणा की तर्ज पर प्रैस एडवाइजरी कमेटी गठित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

धरणी ने बताया कि हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंदर कल्याण ने मीडिया और विधानसभा के बीच स्वस्थ, सकारात्मक और प्रभावी संवाद कायम रखने के उद्देश्य से प्रैस एडवाइजरी कमेटी (पीएसी) का गठन लगातार जारी रखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में यह कमेटी केवल औपचारिक व्यवस्था नहीं, बल्कि पूर्ण रूप से सक्रिय मंच है, जो विशेष रूप से विधानसभा सत्रों के दौरान अहम और प्रभावी भूमिका निभाती है।

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष यू. टी. खादर और विधानसभा सचिव के साथ चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि कर्नाटक विधानसभा में आज तक प्रैस एडवाइजरी कमेटी का गठन नहीं हुआ है। यहां फिलहाल लोक संपर्क विभाग ही मीडिया समन्वय से जुड़ी सारी जिम्मेदारियां प्रभावी ढंग से निभा रहा है। इस संदर्भ में धरणी ने हरियाणा के मॉडल को एक संस्थागत और दीर्घकालिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि हरियाणा मॉडल इस बात का मजबूत उदाहरण है कि यदि विधानसभा, जनप्रतिनिधि और मीडिया के बीच समन्वय बेहतर हो, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनती है। धरणी ने यह भी रेखांकित किया कि हरियाणा में मीडिया को केवल सूचना के माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ के रूप में देखा जाता है।

चंद्र शेखर धरणी ने कहा कि स्पीकर हरविंदर कल्याण स्वयं मीडिया हितैषी हैं और पत्रकारों की भूमिका को गंभीरता से समझते हैं। यही कारण है कि हरियाणा विधानसभा में पत्रकारों और सदन के बीच संवाद की संस्कृति लगातार मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्रों के दौरान पीएसी की सक्रियता से मीडिया को समय पर और व्यवस्थित जानकारी उपलब्ध होती है, जिससे सदन की कार्यवाही आम जनता तक अधिक प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से पहुंचती है।

धरणी ने यह भी कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी पूर्ण रूप से मीडिया फ्रेंडली हैं और पत्रकारों के साथ संवाद बनाए रखने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और मीडिया के बीच सकारात्मक संबंध किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं, और हरियाणा में यह वातावरण स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

उन्होंने हरियाणा में पत्रकार हितों के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, जो वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं, ने अपने कार्यकाल में राज्य के सेवानिवृत्त पत्रकारों को पेंशन देने की महत्वपूर्ण शुरुआत की थी। इसे पत्रकारों के सामाजिक और आर्थिक सम्मान की दिशा में बड़ा कदम माना गया।

धरणी ने कहा कि वर्तमान समय में हरियाणा में सेवानिवृत्त पत्रकारों को 15,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है, जो पत्रकार समाज के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उन पत्रकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने वर्षों तक समाज और लोकतंत्र की सेवा की है।

स्टडी टूर के दौरान हरियाणा विधानसभा पीएसी द्वारा साझा किए गए अनुभवों को कर्नाटक पक्ष ने भी गंभीरता से सुना और इसे मीडिया-सदन संबंधों के सफल मॉडल के रूप में देखा गया। धरणी ने विश्वास जताया कि ऐसे संवाद और अध्ययन दौरों से विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के बीच बेहतर व्यवस्थाओं और सफल मॉडलों के आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी।

उन्होंने अंत में कहा कि हरियाणा विधानसभा प्रैस एडवाइजरी कमेटी सत्रों के दौरान सदैव सक्रिय भूमिका निभाती है, और यही इसकी सबसे बड़ी उपयोगिता और सफलता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *