सोनिका भाटिया
चंडीगढ़
सटीकता, देशभक्ति और हवाई कौशल के शानदार संगम के रूप में भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम द्वारा प्रस्तुत ‘सूर्यकिरण एरोबेटिक डिस्प्ले’ ने शनिवार को सुखना लेक पर हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दो दिवसीय एयर शो का समापन भव्य अंदाज़ में हुआ।
इस ग्रैंड फिनाले में पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया अपनी पत्नी अनीता कटारिया के साथ, हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष अपनी पत्नी मित्रा घोष के साथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपनी पत्नी सुमन सैनी के साथ, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर के साथ, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा सहित चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
*कौशल और देशभक्ति का अद्भुत संगम*
आसमान में अद्भुत फॉर्मेशन, तालमेल भरे करतब और तिरंगे रंगों की धुएं की लहरों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। नौ विमानों की टीम, जो हॉक एमके-132 जेट्स उड़ा रही थी, ने तेजस और युवा फॉर्मेशन, बैरल रोल, हाई-स्पीड क्रॉस, डीएनए पैटर्न, हार्ट फॉर्मेशन और लूप्स जैसे जटिल हवाई करतब दिखाए, जो उनकी बेहतरीन समन्वय क्षमता और दक्षता का परिचय थे।
प्रदर्शन के दौरान एक खास पल तब आया जब फॉर्मेशन लीडर ने रेडियो के माध्यम से ट्राइसिटी के दर्शकों को संदेश दिया, जिससे पूरे आयोजन में भावनात्मक जुड़ाव का अहसास हुआ।
*भारी भीड़, बेहतरीन व्यवस्था*
इस आयोजन में स्थानीय लोगों, पर्यटकों और एविएशन प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रवेश सीमित होने के बावजूद लोग आसपास की सड़कों, छतों और अन्य स्थानों से एयर शो का आनंद लेते नजर आए।
चंडीगढ़ प्रशासन, पुलिस और भारतीय वायु सेना के संयुक्त प्रयासों से सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पायलटों के कौशल, अनुशासन और समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता का प्रतीक है और युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करता है।
*गौरव का क्षण*
कार्यक्रम में स्थानीय जुड़ाव तब और मजबूत हुआ जब चंडीगढ़ के निवासी विंग कमांडर तेजेश्वर सिंह, जो इस फॉर्मेशन के डिप्टी लीडर हैं, ने विशेष तालियां बटोरीं।
*यादगार समापन*
मनोरंजन से आगे बढ़कर यह एयर शो भारत की हवाई शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन और सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि भी रहा।
चंडीगढ़ एयर शो 2026 ने न केवल शहर की जीवंतता को दर्शाया, बल्कि भारतीय वायु सेना के प्रति गर्व और सम्मान की भावना को भी और मजबूत किया, जिससे दर्शकों के लिए यह एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया।
सूर्यकिरण विमान, जो 12 विंग चंडीगढ़ एयर बेस से संचालित हुए, इससे पहले 25 और 26 जनवरी को हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में भी दो दिवसीय एयर शो कर चुके हैं। 12 विंग के एओसी और उनकी टीम ने सिविल प्रशासन के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
