चंडीगढ़ : हरियाणा में हाल ही में सामने आई रंगदारी और धमकी की घटनाओं को लेकर सिरसा की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रदेश के विभिन्न जिलों, अंबाला, जुलाना तथा अन्य क्षेत्रों से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें व्यापारियों को फोन कॉल, विदेशी नंबरों तथा अन्य माध्यमों से जान से मारने की धमकी देकर लाखों और करोड़ों रुपये की रंगदारी माँगी जा रही है। अंबाला शहर की सरस्वती कॉलोनी में एक इमिग्रेशन कारोबारी को विदेशी नंबरों से कॉल कर जान से मारने की धमकी दी गई और उससे 50 लाख रुपये की मांग की गई। आरोपियों ने कारोबारी और उनके परिवार को डराने के लिए उनकी और उनकी पत्नी की तस्वीरें भेजकर मानसिक रूप से प्रताडि़त किया। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है और साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसी प्रकार जुलाना क्षेत्र में जींद-रोहतक मार्ग स्थित एक भट्ठा संचालक से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फोन पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से धमकी देते हुए जल्द से जल्द पैसे की व्यवस्था करने को कहा। लगातार मिल रही धमकियों के कारण पीड़ित और उसके परिवार में भय का माहौल है और उसने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई है। कुमारी सैलजा ने कहा कि यह घटनाएं प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारी, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, आज अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लगातार बढ़ती रंगदारी, धमकी और आपराधिक गतिविधियां आम जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं और लोगों में डर का वातावरण बना रही हैं।
बेरोजगारी और नशाखोरी पर बढ़ती चिंता
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि बेरोजगारी और नशाखोरी जैसी समस्याएं भी अपराध को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जब युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिलता और नशे की प्रवृत्ति बढ़ती है, तो इसका सीधा असर सामाजिक व्यवस्था पर पड़ता है और अपराध की घटनाओं में वृद्धि होती है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, संगठित अपराध में शामिल गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही बेरोजगारी दूर करने के लिए ठोस रोजगार नीति लागू की जाए और नशाखोरी पर नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
