चंडीगढ़ नगर निगम मेयर सौरभ जोशी ने कन्याओं के चरण धो किया कंजक पूजन
चंडीगढ़:(हरमिंदर नागपाल)-ओंकार चैरिटेबल फाउंडेशन चंडीगढ़ द्वारा चैत्र नवरात्रि अष्टमी के पावन अवसर पर विशेष अनुष्ठान के तहत 51 कन्याओं का कंजक पूजन किया गया। कन्याओं के पैर धोकर, तिलक लगाकर और चुनरी ओढ़ाकर पूजा की गई, जिसके बाद उन्हें हलवा-पूरी और काले चने का भोग लगाया गया। इस दौरान कन्याओं को उपहार व दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया गया, जिसे माता रानी की कृपा पाने का विशेष तरीका माना जाता है।
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि कन्याओं को मां दुर्गा के विभिन्न रूपों का प्रतीक मानकर पूजा जाता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मकता दूर होती है।उन्होंने बताया कि कन्याओं के चरण धोकर उन्हें आसन पर बैठाया जाता है, कलाई पर मौली बांधी जाती है और माथे पर तिलक लगाया जाता है। इसके बाद कन्याओं को आदरपूर्वक हलवा, पूरी और चने का भोजन कराया जाता है। इसके बाद उन्हें सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा, फल और उपहार दिए जाते हैं। उन्होंने समाज से कंजक पूजन कर कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए लोगों को प्रेरित किया।
ओंकार चैरिटेबल फाउंडेशन चंडीगढ़ के चेयरमैन रविंदर सिंह बिल्ला जी ने युवा वर्ग से आग्रह किया कि कंजक पूजन का तभी लाभ मिलेगा अगर हम जन्म से पूर्व ही कन्या को कत्ल नहीं करेंगे। उन्होंने कन्या को बोझ मानने वाले समाज से आग्रह किया कि अगर बेटी की हत्या करोगे तो बेटा कहां से लाओगे। आओ प्रण करें कि सब मिल कर भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से उखाड़ फेंके।
इस अवसर पर मार्किट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अवनीश बंसल सहित ज्योति हंस व अन्य भी उपस्थित

1. मेयर सौरभ जोशी जी ने कन्या पूजन के महत्व को बहुत अच्छे से समझाया है, यह सच में प्रशंसनीय है!
2. क्या आपको नहीं लगता कि कन्याओं को सम्मान देने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है?
3. रविंदर सिंह बिल्ला जी का कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज उठाना वाकई सराहनीय है, पर क्या समाज सच में बदल रहा है?
4. अगर हम कन्याओं को ही नहीं बचाएंगे, तो भविष्य में बेटों के लिए बहु कहां से लाएंगे? ये सोचने वाली बात है!
5. क्या आप भी मानते हैं कि जब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक ये कुरीतियां खत्म नहीं होंगी?
6. मार्किट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रयास भी सराहनीय हैं, पर क्या सिर्फ पूजा-पाठ से ही समस्या का समाधान होगा?
7. आपके विचार में, कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सबसे प्रभावी कदम क्या हो सकता है?