पंचकूला के एसडीएम चंद्रकांत कटारिया को तत्काल स्थानांतरण किया जाय : अंकुर गुलाटी

 

पंचकूला :

नगर निगम (एमसी) चुनाव 2026 की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य चुनाव आयोग हरियाणा से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। जिला कांग्रेस के मीडिया कोऑर्डिनेटर अंकुर गुलाटी द्वारा आयोग को एक विस्तृत एवं औपचारिक प्रस्तुति भेजकर पंचकूला के वर्तमान उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम), श्री चंद्रकांत कटारिया (एचसीएस), के तत्काल स्थानांतरण की मांग उठाई गई है।

अंकुर गुलाटी ने कहा कि नगर निगम चुनाव जैसे महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रशासनिक तंत्र की पूर्ण निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोपरि होती है। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी अधिकारी की निष्पक्षता पर संदेह की स्थिति उत्पन्न होती है, तो यह न केवल चुनाव की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में आम जनता के विश्वास को भी कमजोर करता है।

उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्तमान एसडीएम श्री चंद्रकांत कटारिया का सक्रिय राजनीतिक व्यक्तित्वों से निकट पारिवारिक संबंध है। उन्होंने बताया कि उनकी माता बंतो कटारिया वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अंबाला संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार रह चुकी हैं और वर्तमान में भाजपा हरियाणा की राज्य उपाध्यक्ष हैं। इसके अतिरिक्त, उनके पिता स्वर्गीय रतन लाल कटारिया अंबाला लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद रहे हैं तथा भारत सरकार में 30 मई 2019 से 07 जुलाई 2021 तक केंद्रीय राज्यमंत्री के पद पर कार्य कर चुके हैं।

अंकुर गुलाटी ने कहा कि उपरोक्त तथ्यों के मद्देनज़र हितों के टकराव की एक स्पष्ट एवं उचित आशंका उत्पन्न होती है, जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में यह अत्यंत आवश्यक है कि “न्याय केवल किया ही न जाए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी दे।”

उन्होंने आगे कहा कि एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर कार्यरत अधिकारी का सक्रिय राजनीतिक नेतृत्व से निकट संबंध होना चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों तथा आम जनता के मन में गंभीर संदेह उत्पन्न करता है। ऐसी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।

अंकुर गुलाटी ने आयोग से यह भी मांग की है कि केवल इस मामले तक सीमित न रहते हुए एक व्यापक नीति बनाई जाए, जिसके अंतर्गत ऐसे सभी अधिकारियों को, जिनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी राजनीतिक दल या सक्रिय राजनीतिक व्यक्तियों से संबंध हो, चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली जिम्मेदारियों से दूर रखा जाए। इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में भी किसी प्रकार की निष्पक्षता पर प्रश्न न उठे।

अंकुर गुलाटी ने कहा कि यह प्रस्तुति किसी व्यक्तिगत या राजनीतिक द्वेष के आधार पर नहीं, बल्कि व्यापक जनहित, निष्पक्ष चुनाव की आवश्यकता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से दी गई है। उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि नगर निगम चुनाव 2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने हेतु इस मामले पर शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए।

इस महत्वपूर्ण विषय पर की गई प्रस्तुति की प्रतिलिपि भारत निर्वाचन आयोग, मल्लिकार्जुन खड़गे (अध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस), राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा), के सी वेणुगोपाल (संगठन महासचिव, अखिल भारतीय कांग्रेस), भूपेंद्र सिंह हुड्डा (पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष, हरियाणा), राव नरेंद्र सिंह (अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी), मुख्य चुनाव आयोग हरियाणा, मुख्य सचिव हरियाणा तथा उपायुक्त, पंचकूला को भी ईमेल के माध्यम से प्रेषित की गई है।

अंकुर गुलाटी ने आशा व्यक्त की है कि चुनाव आयोग इस संवेदनशील विषय की गंभीरता को समझते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा हेतु उचित एवं समयबद्ध कार्रवाई करेगा।

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