रोमी सिंह /रमोला न्यूज़
पंचकूला ,20 अप्रैल: जजपा पंचकूला के जिला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि प्रदेश बीजेपी ने सोशल मीडिया के जरिये जजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के बारे में लिखा है जिसमें कहा गया है कि वो न तो विधायक हैं न ही सांसद हैं फिर कैसे मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रहे हैं तथा उनके खिलाफ आपत्तिनजक एवं अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। इस बारे ओ पी सिहाग ने बड़े ही दावे से कहा कि इन दोनों युवा नेताओं के संस्कार ऐसे नहीं है कि किसी के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करे।जहां तक बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की है वो सरकार के मुखिया हैं जहां किसी अच्छे काम के लिए उनको तथा उनकी सरकार को शाबासी मिलती है तो वहीं सरकार की कोई बड़ी कमी हो या जहां सरकार किसी मुद्दे पर जनहित की बात नहीं सुनती हो या जानबूझ कर लोगों को तंग करने का काम करती हो या किसी मामले में सरकार फैल हो तो विपक्षी दलों के नेताओं के साथ आम आदमी भी अपनी आवाज़ सरकार तथा मुख्यमंत्री के खिलाफ उठाएगा। सिहाग ने कहा कि ऐसा ही दुष्यंत चौटाला तथा दिग्विजय सिंह चौटाला कर रहे हैं। उनका निजी रूप में नायब सिंह सैनी से कोई मनमुटाव या द्वेष नहीं है , सब उनकी इज्जत करते हैं। वो हँसे ,मुस्कुराये अच्छी बात है पर सरकार के मुखिया होने के नाते परेशान लोगों के काम भी करे , युवाओं, छात्रों समेत हरेक तबके को न्याय दे।
जजपा ज़िला अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में पिछले कई महीनों से जहां सरकार विफल साबित हुई है या लोगों की जायज मांगों को नहीं मानती है जिसमें चाहे किसानों के हितों की बात हो, मजदूरों या कर्मचारियों की या प्रदेश भर के लाखो युवाओं के रोजगार की बात हो या प्रदेश के कालेजों एवं विश्व विद्यालयों में पढ़ने छात्रों के हितों की बात हो वहां जजपा के युवा नेता दुष्यंत चौटाला एवं दिग्विजय सिंह चौटाला उन सबके हकों के लिए सरकार से लड़ाई लड़ रहे हैं तथा प्रदेश की सोई हुई सरकार को जगाने का काम कर रहे हैं।
ओ पी सिहाग ने बीजेपी नेताओ से पूछा कि आम पब्लिक एवं छात्र कम्युनिटी के हित के मुद्दे उठाने के लिए क्या विधायक या सांसद होना जरूरी है? क्या आम आदमी या कोई राजनीतिक दल ये मुद्दे नहीं उठा सकता? उन्होंने कहा कि बीजेपी के राज में कालेजों एवं यूनिवर्सिटीज में घोर अंधेरगर्दी हो रही है वहां के हुक्मरान बीजेपी के कार्यकर्ता के रुप मे काम कर रहे हैं। सभी कालेजों एवं विश्वविद्यालयो में छात्रों के अधिकारों का बुरी तरह से हनन हो रहा है। उनको अपनी जायज मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का कोई अधिकार ही नहीं है। जबसे ये सरकार आई है शिक्षा के मन्दिरों को भगवा रंग में रंगने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी या आर एस एस के कार्यक्रमों को करवाने की छूट है परंतु दूसरे छात्र संगठनों को कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं करने दिए जा रहे हैं। छात्रसंघ के चुनाव नहीं करवाए जा रहे हैं। सिहाग ने कहा कि छात्र हित के मुद्दों को लेकर युवा जजपा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला जो पूर्व में इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। छात्रों से संवाद के कार्यक्रम में सभी विश्वविद्यालयों एवं प्रदेश के बड़े कालेजों में जा रहे हैं तथा उनके हकों एवं हितों के बारे चर्चा करके उनकी बात सरकार एवं प्रशासन के समक्ष पेश कर रहे हैं । इसी कड़ी में वो जी जे यू हिसार में गए थे।वो कोई गुंडागर्दी करने नहीं गए थे सिर्फ यूनिवर्सिटी के छात्रों से संवाद करने एवं उनकी जायज मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से यूनिवर्सिटी प्रशासन के समक्ष रखने एवं उनको मनवाने के लिए गए थे। बीजेपी की सरकार जजपा एवं इनसो नेताओं के खिलाफ पहले हिसार में और आज कुरुक्षेत्र में एफ आई आर दर्ज कराकर डराना चाहती है ताकि ये लोग छात्रों के मुद्दे उठाना छोड़ दे परंतु डरी हुई सरकार हमारे नेताओ को क्या डराऐगी।
सिहाग ने कहा कि बीजेपी के लोग सोशल मीडिया पर सरकार की नाकामयाबी को छुपाने के लिए जजपा के युवा नेताओं पर घटिया किस्म के आरोप लगा रहे हैं।उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग अगर आम जनता तथा छात्रों के इतने बड़े हितैषी तो क्यों नहीं कालेजों एवं विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल कर देते। उन्होंने कहा कि जहा तक बात जजपा के विधायक या सांसद नहीं होने की है बीजेपी को य़ह रखना चाहिए कि कभी वो सारे भारत में केवल दो सांसदों वाली पार्टी थी। हरियाणा विधानसभा चुनाव में उनके 70- 80 प्रतिशत से ज्यादा उम्मीदवारों की जमानत जब्त होती थी। उन्होंने बीजेपी नेताओ से कहा कि ये समय का चक्कर है इतना घमंड मत करो ये समय का पहिया घूमता जरूर है।
