विक्रांत शर्मा
पंचकूला 24 जुलाई : टीबी की बीमारी को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग पंचकूला की ओर से 100 दिवसीय अभियान का दूसरा चरण 24 मार्च 2026 से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज इंदिरा कॉलोनी में निक्षय शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में लगभग 183 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से चिन्हित 39 मरीजों की बलगम जांच की गई तथा 39 मरीजों को एक्स-रे जांच के लिए डिस्पेंसरी भेजा गया। इसके अलावा 10 मरीजों की आभा आईडी बनाई गई और 5 मरीजों का टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पंजीकरण किया गया।
अभियान के तहत ऐसे वंचित मरीजों की पहचान और जांच की जा रही है, जो किसी कारणवश सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविरों के माध्यम से लोगों की स्क्रीनिंग कर उन्हें समय पर जांच और उपचार उपलब्ध करवाने का कार्य कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, सीने में दर्द, बलगम में खून आना या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत टीबी की जांच करवानी चाहिए। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीज का उपचार तुरंत शुरू कर दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में टीबी की मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा टीबी मरीजों को इलाज के दौरान 6 महीने तक प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सरकार की ओर से पोषण सहायता के रूप में दी जा रही है।
इस अवसर पर टीबी हेल्थ विजिटर नीरज कुमार और आशा वर्कर भी मौजूद रहीं।
