किसान देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास की मजबूत नींव : विधायक शक्ति रानी शर्मा

 

विक्रांत शर्मा /रमोला न्यूज़ ब्यरो 

पंचकूला, 24 अगस्त : कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि किसान केवल हमारे लिए अन्नदाता नहीं हैं, बल्कि वे देश की खाद्य सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। सरकार का लक्ष्य केवल खाद्य तेल का उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को ऐसी फसलों से जोड़ना भी है, जिनसे देश की आयात पर निर्भरता कम हो और किसानों को बेहतर आय के अवसर मिलें।

श्रीमती शक्ति रानी शर्मा आज कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंचकूला द्वारा आज मंडी बरवाला में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय किसान मेला में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रही थी।

इससे पूर्व उन्होंने विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टाॅल का अवलोकन किया और किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहे। किसान को पता होना चाहिए कि उसके लिए कौन-कौन सी योजना है, वह कैसे आवेदन कर सकता है और उसका लाभ उसके खेत तक कैसे पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 3 अक्तूबर 2024 को राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन को मंजूरी दी। इस मिशन का लक्ष्य देश में तिलहन के उत्पादन को 2022-23 के 3.9 करोड़ टन से बढ़ाकर 2030-31 तक 6.97 करोड़ टन करना है। साथ ही, घरेलू खाद्य तेल उत्पादन को बढ़ाकर देश की आवश्यकता का बड़ा हिस्सा घरेलू स्तर पर पूरा करने और आयात पर निर्भरता को कम करने का लक्ष्य रखा गया है। 2014-15 की तुलना में 2024-25 तक तिलहन के उत्पादन में लगभग 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी अवधि में तिलहन की उत्पादकता भी 1,075 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 1,412 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हो गई है। उत्पादन में यह वृद्धि आगे भी जारी रही और 2025-26 में तिलहन का उत्पादन बढ़कर 4.306 करोड़ टन हो गया।

श्रीमती शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि देशभर में 600 से अधिक वैल्यू चेन क्लस्टर्स के माध्यम से किसानों को बेहतर बीज, वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण और बाजार से जोड़ने पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली और अधिक तेल देने वाली उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल यह नहीं होना चाहिए कि किसान ज्यादा उत्पादन करे, बल्कि यह भी होना चाहिए कि उसकी लागत कम हो, उपज का बेहतर मूल्य मिले।

विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि यह गर्व की बात है कि हरियाणा कृषि के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमारे प्रदेश के किसान मेहनत, आधुनिक तकनीक और कृषि के प्रति अपने समर्पण के लिए जाने जाते हैं। हरियाणा में किसानों को तिलहन की उन्नत एवं अधिक तेल वाली किस्मों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं और किसानों को समय-समय पर बेहतर कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सूरजमुखी के प्रदर्शन प्लॉट पर 3,600 रुपये प्रति एकड़ की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से किसानों को उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।

श्रीमती शक्ति रानी शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम करके प्राकृतिक और जहर-मुक्त खेती की ओर प्रोत्साहित कर रही है। प्राकृतिक खेती का उद्देश्य केवल रसायनों को कम करना नहीं है बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना, खेती की लागत कम करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और सुरक्षित कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना भी है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को धनजीवामृत और बीजामृत जैसे प्राकृतिक कृषि इनपुट तैयार करने में सहायता दी जा रही है। इसके लिए चार ड्रम खरीदने पर 3,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। साथ ही, प्राकृतिक खेती के प्रदर्शन प्लॉट पर 4,000 रुपये प्रति एकड़ की सहायता भी दी जा रही है। इसके अलावा, प्राकृतिक खेती के अंतर्गत किसानों की मिट्टी की जांच वर्ष में दो बार निःशुल्क की जाती है, ताकि किसान अपनी मिट्टी की स्थिति को समझकर उसके अनुसार खेती की योजना बना सकें।

उन्होंने कहा कि मोरनी क्षेत्र पंचकूला जिले की विशेष पहचान है। मोरनी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ी परिस्थितियों और पर्यटन के लिए पूरे हरियाणा में अपनी अलग पहचान रखता है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने भी मोरनी की इस प्राकृतिक विशेषता को ध्यान में रखते हुए मोरनी ब्लॉक को ऑर्गेनिक ब्लॉक (जैविक ब्लॉक) घोषित किया है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना, किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना और मोरनी की प्राकृतिक विरासत के अनुरूप कृषि को नई दिशा देना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा है कि आने वाले समय में मोरनी केवल पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पादों और कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी एक आदर्श उदाहरण बनेगा।

उन्होंने कहा कि आज का किसान केवल हल और ट्रैक्टर तक सीमित नहीं है। आज कृषि में ड्रोन टैक्नाॅलाजी, आधुनिक मशीनरी और डिजिटल खेती का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। इसी दिशा में नमो ड्रोन दीदी जैसी पहल के माध्यम से किसानों को फसलों पर ड्रोन से स्प्रे जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

श्रीमती शक्ति रानी शर्मा ने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि हमें ऐसी खेती की ओर बढ़ना है जो किसान के लिए लाभकारी हो, पानी के लिए सुरक्षित हो, मिट्टी के लिए स्वस्थ हो और देश के लिए आत्मनिर्भरता का आधार बने। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक किसान मेला नहीं है। यह हमारे किसानों तक नई जानकारी, नई तकनीक और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर श्रीमती शक्ति रानी शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान आयोजित कृषि क्षेत्र पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही, उन्होंने नमो दीदी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी मोरनी की अमीता राणा को भी सम्मानित किया।

इससे पूर्व खंड कृषि अधिकारी रायपुररानी डाॅ अमनदीप सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसान हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। डाॅ सुभाष ने किसानों को प्राकतिक खेती से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंचकूला के उपनिदेशक डाॅ. रविंद्र जाखड़, एसडीओ जितेंद्र, जिला परिषद के सदस्य बहादुर राणा, ब्लाॅक समिति रायपुररानी के चेयरमैन सतबीर राणा, ब्लाॅक समिति बरवाला के चेयरमैन राजीव राठौर, मार्केंट कमेटी बरवाला के वाईस चेयरमैन अक्षय, मंडलाध्यक्ष रायपुररानी रोहित सैनी सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और किसान उपस्थित रहे।

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