मूसलाधार बारिश में गरजे ग्राम प्रधान,यमुनोत्री विधायक निधि के कार्यों की जांच समेत कई मांगों को लेकर प्रधानों का प्रदर्शन।।

सुरेश चंद रमोला /रमोला न्यूज़ ब्यूरो
उत्तरकाशी। मंगलवार को मूसलाधार बारिश भी ग्राम प्रधानों के कदम नहीं रोक सकी। जिलेभर से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान और प्रधान संगठन के पदाधिकारी जिला मुख्यालय पहुंचे और ढोल-नगाड़ों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर प्रधानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश महासचिव कृपाल सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम ज्ञापन भेजा गया।
प्रधान संगठनों ने यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने की प्रमुख मांग उठाई। संगठन का कहना है कि विधायक निधि से कराए गए कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच में अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।

आपदा योजनाओं में प्रधानों की भागीदारी की मांग

प्रधानों ने आपदा से संबंधित योजनाओं और विकास कार्यों में ग्राम प्रधानों की योजनाओं को शामिल करने की मांग की। उनका कहना है कि गांवों की वास्तविक जरूरतों की जानकारी ग्राम पंचायतों के पास होती है, इसलिए आपदा और विकास योजनाओं के निर्धारण में ग्राम प्रधानों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके अलावा जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच तथा श्रम विभाग उत्तरकाशी में वर्ष 2015 से मार्च 2026 तक हुई कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।

बदहाल सड़कों का मुद्दा भी गरमाया

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। विभिन्न ब्लॉकों में लंबित सड़कों के डामरीकरण और निर्माण की मांग की गई। बंद पड़े ग्राम नगल मोटर मार्ग को खोलने के साथ ही कल्याणी-हरेती-जिनैथ, शिव गुफा-मंजगांव, कुमराड़ा-माडियासारी-मसोन तथा जाखरी पटारा-ओल्या डांग मोटर मार्ग के निर्माण और डामरीकरण की मांग रखी गई।
स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं दुरुस्त करने की मांग
प्रधान संगठन ने ब्रह्मखाल स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण की मुख्यमंत्री घोषणा को जल्द धरातल पर उतारने और केंद्र में एक्सरे तकनीशियन की तत्काल नियुक्ति की मांग की। वहीं अतर सिंह नेगी महाविद्यालय ब्रह्मखाल में नए विषय खोलने तथा आईटीआई ब्रह्मखाल में प्लंबर और इलेक्ट्रीशियन ट्रेड शुरू करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में स्यालना हेलीपैड के लिए शीघ्र भूमि चयन, मंजगांव से बौख टिपा तक सड़क एवं ट्रैक मार्ग निर्माण तथा स्यालना-कल्याणी मोटरमार्ग के डामरीकरण की मांग भी शामिल रही।
ऑनलाइन हाजिरी का विरोध, ऑफलाइन व्यवस्था की मांग
ग्राम प्रधानों ने विद्यालयों के सौंदर्यीकरण और नियमित रखरखाव के साथ ही ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन हाजिरी से आ रही दिक्कतों का समाधान करने की मांग की। प्रधानों ने ग्राम पंचायतों में ऑफलाइन हाजिरी की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी। ग्राम सरतली में नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने समेत कई अन्य ग्रामीण विकास के मुद्दे भी ज्ञापन में उठाए गए।
मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
प्रधान संगठन ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह ग्रामीण जनता और गांवों के विकास से जुड़ी हैं। सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का उचित समाधान नहीं किया गया तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बहिष्कार जैसे कठोर निर्णय पर विचार करने के लिए प्रधान संगठन बाध्य हो सकता है।

पहले विधायक भी उठा चुके हैं जिला योजना का मुद्दा

गौरतलब है कि अगस्त माह में यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने भी जिला योजना को लेकर कथित तौर पर पक्षपात और अनियमितता के आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद अब प्रधान संगठनों की ओर से यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि से कराए गए कार्यों की जांच की मांग उठाए जाने से मामला सियासी तौर पर और गरमा गया है।
प्रधान संगठन की ओर से पिछले वर्षों में विधायक निधि से कराए गए कार्यों की जांच की मांग को लेकर उठाए गए इस कदम को क्षेत्र की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि सरकार इस मांग पर उच्चस्तरीय जांच कराती है तो विधायक निधि से कराए गए कार्यों की गुणवत्ता और प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा यमुनोत्री विधानसभा की सियासत में और तूल पकड़ सकता।
प्रधान संगठन कहा कि जिला योजना का कार्य शुरू हुआ नहीं लेकिन यमुनोत्री विधायक पहले ही मंत्री को बदनाम करने की कुछ स्टार से भ्रष्टाचार की मंत्री को बदनाम करने की कुछ स्तर से भ्रष्टाचार की कथा कथित आरोप लगा दिये । उन्होंने कहा है कि उन्होंने बहुगुणा परिवार पर उंगली उठाई है जिनकी छवि पूरा देश जानता है ।
उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों से मिली विधायक निधि और जिला योजना कहां-कहां हुई है इसकी भी जांच होनी चाहिए ।

क्या कहते है जिले के प्रभारी मंत्री

प्रधान संगठनों द्वारा जिला योजना में हिस्सेदारी को लेकर जो ज्ञापन दिया है । इस में जिलाधिकारी उत्तरकाशी से वार्ता करूंगा यदि कोई प्रावधान होगा अवश्य प्रधानों को भी सम्मिलित किया जाएगा।

– सौरभ बहुगुणा
कैबिनेट मंत्री / प्रभारी मंत्री उत्तरकाशी ।

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