प्रीति कंबोज /रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़, 01 सितंबर : कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के शून्य काल में सफाई और सीवर कर्मचारियों की लंबी हड़ताल को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के शहर कूड़े के ढेर बन गए हैं और उसी ढेर के नीचे इस सरकार की नीयत दबी हुई है।
आदित्य सुरजेवाला ने बताया कि प्रदेशभर के सफाई व सीवर कर्मचारी पिछले 26 दिनों से हड़ताल पर हैं। 13 मई को सरकार ने लिखित रूप से 17 मांगे स्वीकार की थीं, लेकिन आज तक एक भी मांग लागू नहीं हुई। मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा ₹2100 बढ़ाने की घोषणा भी फाइलों में दफन हो गई है।
उन्होंने कर्मचारियों की दुर्दशा का जिक्र करते हुए कहा कि ये वे लोग हैं जो बिना दस्ताने, बिना सुरक्षा किट के हर रोज हमारा कूड़ा उठाते हैं और जहरीले सीवर में उतरते हैं। न उन्हें नकद-रहित चिकित्सा सुविधा मिलती है, न जोखिम भत्ता और न ही कोई बीमा। शहीद रणबीर और भवी चंद के परिवार आज भी पक्की नौकरी और मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार व मुख्यमंत्री नायब सैनी पर आरोप लगाया कि जब ये कर्मचारी शांतिपूर्वक अपना हक मांगते हैं तो उन पर एफआईआर ठोक दी जाती है। 2018 और 2022 के झूठे मुकदमों को वापस लेने पर सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ने आज तक उन्हें वापस नहीं लिया। गुड़गांव, कैथल, जींद और सिरसा में 5,000 से अधिक कर्मचारी छंटनी का शिकार हो रहे हैं।
आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि सफाई कर्मी ये हमारे भाई-बहन हैं। हमारे शहरों की रीढ़ हैं। ज्यादातर दलित और पिछड़े समाज से आते हैं। इन्हें अपराधी और अछूत समझना—क्या यही भाजपा की विचारधारा है?
विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार से स्पष्ट मांग की कि सफाई कर्मचारियों से किया गया समझौता तुरंत लागू किया जाए, झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं और ठेका प्रथा समाप्त की जाए।

