पार्वती रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो
चंडीगढ़ , 26 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब सरकार को रोजगार के मुद्दे पर जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। आम आदमी पार्टी ने पंजाब में 20 लाख युवाओं को रोजगार देने की बात कहीं थी, इसलिए सरकार को श्वेत पत्र जारी कर यह बताना चाहिए कि पांच साल में वास्तव में कितने युवाओं को रोजगार दिया गया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देना केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि उनके भविष्य और परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
मुख्यमंत्री शनिवार को पंजाब दौरे के दौरान अमृतसर में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पार्टी में शामिल होने वाले अलग—अलग पार्टी के कार्यकर्ताओं का स्वागत भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस ने भी हर घर में रोजगार का वादा किया था, इसी प्रकार आम आदमी पार्टी ने भी जनता से वादे किए। लेकिन जनता के सामने आज यह सवाल खड़ा है कि इन वादों का वास्तविक परिणाम क्या रहा। उन्होंने पंजाब सरकार से रोजगार के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में वर्तमान सरकार के करीब 18 माह के कार्यकाल में लगभग 45 हजार युवाओं को बिना पर्ची और बिना खर्ची सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी है और युवाओं को अपनी योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस में लगभग 5,600 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है और करीब 8500 अन्य विभागीय पदों के लिए भी भर्ती एवं साक्षात्कार की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार के लिए किसी राजनीतिक व्यक्ति या बिचौलिए के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने पंजाब में आबकारी निरीक्षक भर्ती के परिणाम में सामने आई खामियों को हवाला देते हुए पंजाब की आप सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन पंजाब सरकार ने युवाओं के विश्वास को तोड़ने का काम किया है।
हरियाणा में 270 संकल्पों पर तेजी से काम
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 270 संकल्पों को पूरा करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इनमें से 70 संकल्प पूरे किए जा चुके हैं, बाकि पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने संकल्पों को केवल घोषणा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से लागू करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए पहले वर्ष के बजट में 5 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया और 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में सीधे पहुंचाई गई। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को मकान उपलब्ध करवाए गए और उन्हें उनके घरों की चाबियां सौंपी गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के पास अपनी जमीन नहीं थी, उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में 100-100 गज और शहरी क्षेत्रों में 30-30 गज के प्लॉट उपलब्ध करवाए गए हैं। इससे लगभग 32 हजार परिवार लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के जरूरतमंद परिवारों को भी सरकार ने राहत देने का काम किया है। इसी के तहत आयुष्मान-चिरायु से लाखों लोगों को फायदा मिला है। सरकार ने कम आय वाले परिवारों की महिलाओं के लिए 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य मिले और उसे अपनी फसल बेचने के लिए परेशान न होना पड़े।
हरियाणा की विकास दर पंजाब से 3.4 प्रतिशत अधिक : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने हरियाणा और पंजाब की अर्थव्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में हरियाणा की वास्तविक आर्थिक विकास दर 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पंजाब की विकास दर 6.1 प्रतिशत है। इस प्रकार दोनों राज्यों की विकास दर में 3.4 प्रतिशत अंक का अंतर है। यानि, हरियाणा पंजाब से 3.4 प्रतिश्त अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में हरियाणा की अर्थव्यवस्था लगभग 15 लाख 18 हजार करोड़ रुपये और पंजाब की अर्थव्यवस्था लगभग 9 लाख 81 हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। दोनों राज्यों के आर्थिक आकार में लगभग 5 लाख 38 हजार करोड़ रुपये का अंतर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अनुसार यह अंतर नीतियों, नेतृत्व और जवाबदेही में अंतर को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि एक समय पंजाब देश के सबसे समृद्ध राज्यों में गिना जाता था। पंजाब के गठन के करीब 19 वर्ष बाद अस्तित्व में आए हरियाणा ने आर्थिक प्रगति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता यह सवाल पूछ रही है कि इतनी उपजाऊ धरती, मेहनती लोग और अपार संभावनाएं होने के बावजूद राज्य आर्थिक प्रगति में पीछे क्यों रह गया।
देश की जीडीपी में भी हरियाणा की हिस्सेदारी अधिक
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2023-24 में देश की जीडीपी में हरियाणा की हिस्सेदारी लगभग 3.6 प्रतिशत थी, जबकि पंजाब की हिस्सेदारी लगभग 2.4 प्रतिशत थी। इसी अवधि में हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत की 176.8 प्रतिशत और पंजाब की 106.7 प्रतिशत आंकी गई।
उन्होंने कहा कि एक समय पंजाब की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी हुआ करती थी। आज पंजाब के सामने यह सवाल है कि कृषि, उद्योग, व्यापार और युवाओं की क्षमता के बावजूद राज्य की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित गति क्यों नहीं बनी।

