पिंजौर-कालका व हिमाचल सीमा से लगते क्षेत्रों में चलेगा  विशेष अभियान, स्कूल-कॉलेजों के आसपास भी बढ़ेगी निगरानी

 

हेमंत कुमार (रमोला न्यूज़ ब्यूरो )

कालका 30सितंबर

उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने कहा कि जिले में नशे पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मादक पदार्थों की सप्लाई चेन को तोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने पुलिस विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, औचक निरीक्षण एवं छापेमारी करने तथा नशीले पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

उपायुक्त बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में नशीले पदार्थों के उपयोग की रोकथाम के लिए गठित जिला स्तरीय एनकोर्ड कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन नशे की रोकथाम को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने पुलिस विभाग को पिंजौर, कालका तथा हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगते क्षेत्रों, गांवों और कॉलोनियों में विशेष अभियान चलाकर गश्त बढ़ाने और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की  तस्करी करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में नशे के खिलाफ स्पष्ट एवं प्रभावी संदेश पहुंचे।  उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास भी पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।

उपायुक्त ने पुलिस विभाग द्वारा शुरू किए गए टोल फ्री नंबर 7087081100 पर मादक पदार्थों की तस्करी और उपयोग से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों को जब्त करने के साथ-साथ अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

तंबाकू-युक्त पदार्थों की बिक्री के खिलाफ़ विशेष अभियान

एसीपी क्राइम श्री अमन कुमार ने बैठक में बताया कि पुलिस द्वारा जिले में विशेष अभियान चलाकर स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास पान विक्रेताओं की जांच की गई। जांच के दौरान कई दुकानदारों के पास ‘कूलिप ’ नामक पदार्थ बरामद किया गया, जिसमें तंबाकू का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने संबंधित पदार्थ के गोदाम पर भी छापेमारी की और जिले में इसकी बिक्री पर रोक लगाने की कार्रवाई की।  उन्होंने बताया कि पान विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस पदार्थ की बिक्री पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनवरी और अगस्त के बीच एनडीपीएस के 91 मामले दर्ज किए गए

एसीपी क्राइम ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 31 अगस्त 2026 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 91 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।  इसी कड़ी में ड्रग विरोधी जागरूकता अभियान के तहत पुलिस टीमों ने जिले के 556 गांवों एवं क्षेत्रों का दौरा कर 36,074 लोगों को जागरूक किया है। इसके अतिरिक्त पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं, जो शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रही हैं।

बैठक में एसडीएम पंचकूला मन्नत राणा, एसडीएम कालका संयम गर्ग, एसीपी क्राइम अमन कुमार, सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल पराशर, जिला न्यायवादी अनुराग हुड्डा, ड्रग नियंत्रण अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संदीप जैन, एनडीपीएस सेल से निरीक्षक बलवान सिंह, कृषि विभाग से जय प्रकाश शर्मा, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सेक्टर-26 से लेक्चरर विशाल गोयल, आईटीआई सेक्टर-14 से वाइस प्रिंसिपल लक्की पवार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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