अधिवक्ता परिषद चंडीगढ़ ने मनाया स्थापना दिवस; वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन मित्तल ने राष्ट्र निर्माण में कानूनी नैतिकता और वकालत के कौशलों पर दिया जोर

 

रमोला न्यूज़ ब्यूरो

चंडीगढ़, 30 सितंबर : अधिवक्ता परिषद चंडीगढ़ ने आज पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के लेडीज बार रूम में “राष्ट्र निर्माण में अधिवक्ता परिषद की भूमिका” विषय पर केंद्रित अपना स्थापना दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में विधिक बिरादरी के सदस्यों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और युवा वकीलों ने एकत्र होकर संगठन के मूल दर्शन “न्याय: मम धर्म:” (न्याय ही मेरा धर्म है) पर मंथन किया।

कार्यक्रम का मुख्य संबोधन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन मित्तल द्वारा प्रस्तुत किया गया। अधिवक्ता परिषद के साथ अपनी 35 वर्षों की यात्रा का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने उपस्थित जनसमूह को अदालत के आवश्यक कौशलों, पेशेवर नैतिकता और देश के न्यायिक ढांचे को आकार देने में कानूनी पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया।

 

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने संगठन के प्रति अपनी साढ़े तीन दशक लंबी वैचारिक प्रतिबद्धता पर विचार व्यक्त करते हुए बताया कि कैसे यह संस्था वकीलों में सामाजिक जिम्मेदारी और पेशेवर अनुशासन की गहरी भावना जगाती है। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को अदालत की कार्यप्रणाली के आवश्यक कौशलों पर मार्गदर्शन देते हुए तथ्यों पर मजबूत पकड़, विचारों की स्पष्टता, सटीक मौखिक दलीलों और संपूर्ण प्रक्रियात्मक ज्ञान पर विशेष जोर दिया।

“न्याय: मम धर्म:” के मूलभूत ध्येय वाक्य को रेखांकित करते हुए उन्होंने अधिवक्ताओं से वकालत के पेशे की गरिमा बनाए रखते हुए न्याय, सत्यनिष्ठा और मुवक्किल के कल्याण को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया। उन्होंने रेखांकित किया कि अधिवक्ता ऐसे नागरिक नायक हैं जो संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, कानूनी सुधारों में मदद और न्याय तक पहुंच का विस्तार करके राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि अदालत के समक्ष खड़े होने से पहले तथ्यों और पूर्व न्यायिक दृष्टांतों का गहन अध्ययन ही सच्चा आत्मविश्वास देता है, तथा मुख्य तर्कों को संक्षेप में प्रस्तुत करना न्यायिक समय का सम्मान करता है और प्रभावी प्रभाव छोड़ता है। इसके साथ ही गरिमापूर्ण, दृढ़ और शिष्ट आचरण बनाए रखने से अदालत में विश्वसनीयता बढ़ती है, और सामुदायिक कानूनी जागरूकता में सक्रिय भागीदारी यह सुनिश्चित करती है कि न्याय प्रत्येक नागरिक तक आसानी से पहुंच सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *