न युवा संवाद, न मोदी के मन की बात… सीधे जन आशीर्वाद… ब्लॉक प्रमुख से विधानसभा तक पहुँचने की जिद्द या जल्दबाजी

जसपाल सिंह
रमोला न्यूज ब्यूरो
उत्तरकाशी 28 अक्टूबर।
गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच गाजणा क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार की जन आशीर्वाद संकल्प रैली ने क्षेत्रीय राजनीति में नई चर्चा को जन्म दिया है। रैली के जरिए परमार ने जनता, जनप्रतिनिधियों, समर्थकों और शुभचिंतकों से संपर्क साधते हुए अपने राजनीतिक इरादों के संकेत दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार की नजर सीधे विधानसभा चुनाव पर है क्या जन आशीर्वाद रैली क्षेत्र की जनता से संवाद स्थापित करने का प्रयास है या विधानसभा की राजनीति में अपनी दावेदारी मजबूत करने की शुरुआत। पार्टी के युवा संवाद कार्यक्रम को नजर अंदाज कर सीधे जन आशीर्वाद रैली तक का कार्यक्रम परमार के युवा संवाद, संगठनात्मक सक्रियता और जनता के बीच निरंतर मौजूदगी पर सवाल खड़े करता है।

भाजपा जिला अध्यक्ष नागेंद्र चौहान नें ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार की रैली को पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना है। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन के युवा संवाद और प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात जैसे कार्यक्रम को नजर अंदाज कर जन आशीर्वाद रैली निकालना ब्लॉक प्रमुख की अपरिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पार्टी हर विधानसभा क्षेत्र में टिकट दावेदारों की गतिविधियों पर नजर गढाए हुए है। पार्टी नें व्यक्तिगत रैली पर संज्ञान लिया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पार्टी संगठन इस तरह की गतिविधियों पर जो भी अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा। विचार किया जायेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा जिला अध्यक्ष होने के नाते मेरे द्वारा सभी दावेदारों को पार्टी के विरुद्ध किसी भी व्यक्तिगत कार्यकर्मों को करने के लिए खुद जिम्मेदार होना बताया। पार्टी विरोधी किसी भी व्यक्तिगत कार्यक्रम को पार्टी विरोधी व अनुशासन के विरुद्ध माना जायेगा।

राजदीप परमार जानते हैं कि किसी जनप्रतिनिधि की राजनीतिक यात्रा में युवाओं के साथ संवाद, क्षेत्रीय समस्याओं पर काम और संगठन के भीतर भूमिका कितनी अहम होती है। अब उनकी जन आशीर्वाद संकल्प रैली के बाद गंगोत्री विधानसभा की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं। हालांकि, उनके आगामी राजनीतिक कदम और विधानसभा चुनाव को लेकर उनकी औपचारिक मंशा के संबंध में स्पष्ट तस्वीर सामने आना अभी बाकी है। लेकिन तय माना जा रहा है कि राजदीप परमार विधानसभा चुनाव लड़ने का पूरा मन बना चुके हैं। बेशक ब्लॉक प्रमुख से विधायक बनने की राह आसान नहीं होगी। लेकिन संघर्षो की कहानी ही इतिहास लिखती है।

ब्लॉक प्रमुख का पद स्थानीय स्तर पर जनसेवा और विकास कार्यों से जुड़ा होता है, जबकि विधानसभा का चुनाव व्यापक क्षेत्रीय मुद्दों, संगठनात्मक समर्थन और मतदाताओं के भरोसे से जुड़ा है। इसलिए ब्लॉक प्रमुख से विधानसभा तक की यात्रा में केवल जनसभाएं ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की समस्याओं पर काम, जनता से निरंतर संपर्क और राजनीतिक संगठन के साथ तालमेल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समझने वाली बात होगी कि इस तरह के कार्यक्रम को ब्लॉक प्रमुख खुद निर्णय लेकर कर रहे होंगे या पर्दे के पीछे समर्थक भेज उनकी राजनीति और पद प्रतिष्ठा को दाँव पर लगाने का गोपनीय खेल चल रहा है। गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र में इस तरह का खेल कोई पहला खेल नहीं। पृथक प्रदेश बनने के बाद से ही चलता आ रहा है। जिसे समाज चिंतक, राजनीतिक विश्लेषक तो जानते हैं लेकिन आम मतदाता इस विसात को नहीं समझ पा रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि जनपद के युवा संवाद और प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात कार्यक्रम को नजर अंदाज करने वाले राजदीप परमार की जन आशीर्वाद संकल्प रैली को गंगोत्री की जनता, पार्टी संगठन, कार्यकर्ता, और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट किस चश्मे से देखते हैं।

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