एचएमटी बचाओ, रोजगार बचाओ के नारों से गूंजा पिंजौर, ट्रैक्टर प्लांट दोबारा शुरू करने की मांग

 

कोमल रमोला
रमोला न्यूज़ ब्यूरो

पिंजौर, 27 अक्टूबर।

वर्ष 2016 में बंद किए गए एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट को दोबारा शुरू करवाने, मशीन टूल्स फैक्ट्री की आर्थिक स्थिति सुधारने और एचएमटी परिसर में नए औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित करने की मांग को लेकर मंगलवार को पिंजौर में काला दिवस मनाया गया। एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में समिति के संरक्षक एवं एडवोकेट विजय बंसल के नेतृत्व में एचएमटी गेट पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान “एचएमटी बचाओ, रोजगार बचाओ” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

प्रदर्शन में विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों और स्थानीय निवासियों ने भाग लेते हुए केंद्र सरकार से एचएमटी को पुनर्जीवित करने की मांग उठाई। धरने में अंबाला लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विजय बंसल ने सांसद को ज्ञापन सौंपकर एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट को दोबारा शुरू करवाने अथवा परिसर में कोई बड़ा औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित करने का मुद्दा संसद और केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया।

एचएमटी क्षेत्र की आर्थिक तरक्की की रीढ़ : वरुण चौधरी

धरने को संबोधित करते हुए सांसद वरुण चौधरी ने कहा कि पिंजौर की ऐतिहासिक एचएमटी फैक्ट्री केवल एक औद्योगिक संस्थान नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक तरक्की, रोजगार और सम्मान से जुड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि एचएमटी को दोबारा चालू करवाने के लिए वह संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष जारी रखेंगे।

सांसद ने एचएमटी परिसर की लगभग 446 एकड़ जमीन का समुचित उपयोग नहीं होने पर सवाल उठाते हुए यहां औद्योगिक गतिविधियां दोबारा शुरू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने के लिए अत्याधुनिक स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने की मांग भी उठाई।

वरुण चौधरी ने एचएमटी मशीन टूल्स यूनिट की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि काम और ऑर्डर होने के बावजूद पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन और अन्य लंबित लाभों का मुद्दा उठाते हुए उनकी समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

एचएमटी बंद होने से पिंजौर-कालका को हुआ भारी नुकसान : विजय बंसल

एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि 18 अप्रैल 2013 को तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और सांसद मुनीश तिवारी की मौजूदगी में हुई कैबिनेट कमेटी की बैठक में एचएमटी के लिए 1,083 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मंजूर किया गया था। उनके अनुसार, इस पैकेज में कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि और सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने जैसे फैसले शामिल थे।

बंसल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट बंद किए जाने से पिंजौर, कालका और आसपास के क्षेत्रों को भारी औद्योगिक एवं आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर और मशीन टूल्स डिवीजनों के पास काम के ऑर्डर होने के बावजूद उत्पादन जारी नहीं रखा गया, जिससे उपलब्ध औद्योगिक संसाधनों का समुचित उपयोग प्रभावित हुआ।

उन्होंने केंद्र सरकार से एचएमटी के पुनरुद्धार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि यदि ट्रैक्टर प्लांट को दोबारा शुरू करना संभव नहीं है, तो परिसर में कोई बड़ा औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित किया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

कर्मचारियों के वेतन और बकाया लाभों का मुद्दा उठाया

विजय बंसल ने एचएमटी प्रबंधन में स्थायी महाप्रबंधक की नियुक्ति की मांग उठाते हुए कहा कि स्थायी महाप्रबंधक नहीं होने से फैक्ट्री के संचालन, वित्तीय सुधार और कर्मचारियों की समस्याओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने मशीन टूल्स फैक्ट्री की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए दावा किया कि कर्मचारियों को लगभग 18 माह से वेतन नहीं मिला है, जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान भी कई वर्षों से लंबित हैं। इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत्ति संबंधी बकाया लाभों का जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।

बंसल ने एचएमटी परिसर में उपलब्ध सैकड़ों एकड़ जमीन, मशीनरी और भवनों को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए इनके बेहतर उपयोग के लिए ठोस औद्योगिक विकास योजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने एचएमटी परिसर से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों, बिजली सब स्टेशन और आसपास के गांवों को जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण एवं सुधार के लिए आवश्यक अनुमति और सहयोग उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई।

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल

सांसद वरुण चौधरी ने घोषणा की कि एचएमटी के पुनरुद्धार, कर्मचारियों के बकाया लाभों और परिसर में नए उद्योग स्थापित करने की मांग को लेकर विजय बंसल की अध्यक्षता में एचएमटी बचाओ संघर्ष समिति का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जल्द ही केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री से मुलाकात करेगा। इसके लिए मंत्रालय से समय मांगा जा रहा है।

इस पहल को एचएमटी के भविष्य और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समिति ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए एचएमटी परिसर में औद्योगिक गतिविधियां दोबारा शुरू करने की दिशा में ठोस निर्णय लेगी।

एचएमटी सेब मंडी में अनाज मंडी बनाने की मांग

धरना-प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद वरुण चौधरी को ज्ञापन देकर एचएमटी पिंजौर स्थित सेब मंडी में गेहूं, धान और मक्की की खरीद-बिक्री के लिए अनाज मंडी की व्यवस्था करवाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इससे रायतन और दून क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा और उन्हें राहत मिलेगी।

विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग

धरने में पूर्व विधायक कालका प्रदीप चौधरी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष संजय चौहान, जिला परिषद पंचकूला के चेयरमैन सुनील शर्मा, पूर्व चेयरमैन राजेश कोना, पूर्व मेयर रविंदर रावल, कालका ब्लॉक अध्यक्ष सुनील श्याम, जिला महासचिव गुरबाग धमाला, जिला परिषद सदस्य राजिंदर सिंह, नरेश मान, रामवीर, सदरू खान, गुरप्यारा डोड, सूरज भान दहिया, इनेलो जिला अध्यक्ष सतिंदर टोनी, बसपा जिला अध्यक्ष राम सरूप, भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष गुरप्यार, कृष्णा शर्मा, चंचल शर्मा, रेखा शर्मा, सुशीला, मदन पाल, जसपाल कंडियाला, राजेश बेनीवाल, लोकेश शर्मा, हरभजन सिंह करणपुर, ज्ञानी सुखदेव सिंह और करनैल बुर्ज कोटिया सहित विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। धरने के माध्यम से एचएमटी ट्रैक्टर प्लांट को दोबारा शुरू करने, मशीन टूल्स फैक्ट्री को आर्थिक सहायता देने, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करने, किसानों को अनाज मंडी की सुविधा उपलब्ध करवाने और क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित कर रोजगार के अवसर पैदा करने की मांग दोहराई गई।

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